कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के जंगलों से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां बिजली तार के संपर्क में आने से एक मादा भालू और उसके दो मासूम शावकों की मौके पर ही मौत हो गई। कटघोरा वनमंडल के केंदई वन परिक्षेत्र में हुई इस घटना ने वन विभाग और विद्युत विभाग दोनों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना जिले मुख्यालय से करीब 100 किलोमीटर दूर मोरगा-सरईगोट क्षेत्र की है। शुक्रवार सुबह ग्रामीण जब जंगल की ओर गए, तो एक ही स्थान पर तीन भालुओं को मृत अवस्था में देखकर सन्न रह गए। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई कि मृत वन्य प्राणियों में एक मादा भालू और उसके दो शावक शामिल हैं, जो एक ही परिवार के थे और जंगल में विचरण के दौरान बिजली लाइन की चपेट में आ गए।
कटघोरा वनमंडल के डीएफओ कुमार निशांत ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सखोदा सर्किल में विद्युत लाइन बिछाने का कार्य पारेषण कंपनी द्वारा किया गया था, जिसकी पूर्व सूचना वन विभाग को नहीं दी गई। यदि समय रहते जानकारी मिलती, तो आवश्यक सुरक्षा उपाय कर वन्य प्राणियों को इस तरह की दुर्घटना से बचाया जा सकता था।
वन विभाग ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए विद्युत पारेषण कंपनी के खिलाफ छत्तीसगढ़ वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही क्षेत्र के जिम्मेदार सीएसईबी लाइनमैन को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिससे घटना के कारणों की विस्तृत जानकारी सामने आ सके।
अधिकारियों की मौजूदगी में मृत भालुओं का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी कोरबा के करतला क्षेत्र में करंट की चपेट में आने से एक हाथी की मौत हो चुकी है। उस घटना के बाद भी एहतियाती कदम उठाने के दावे किए गए थे, लेकिन ताजा घटना ने फिर से सिस्टम की लापरवाही को उजागर कर दिया है। जंगलों में इस तरह की घटनाएं वन्यजीवों के लिए लगातार खतरा बनती जा रही हैं, जिस पर अब सख्त और स्थायी समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है।
