अम्बिकापुर..(सीतापुर/अनिल उपाध्याय)..विकास कार्यों की आड़ में घटिया निर्माण को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाला ग्राम पंचायत गेरसा में धांधली का एक नया मामला सामने आया है।इस बार सरपंच सचिव ने पुलिया निर्माण की आड़ में शासन से मिले लाखों रुपए गबन कर लिया है।शासन के पैसों को गबन करना इतना आसान नहीं था इसलिए सरपंच सचिव ने पहले संबंधित अधिकारियों से सांठगांठ की।इसके बाद इन्होंने धांधली करते हुए पुलिया निर्माण कार्य की राशि फर्जी तरीके से आहरण कर लिया।विकास कार्य की आड़ में सरपंच सचिव द्वारा किए गए घोटाले की वजह से सालों बाद भी पुलिया अधूरी पड़ी हुई है।यह सब जानते हुए भी सरपंच सचिव के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं करना अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े करती है।इस संबंध में ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण कार्य की जांच एवं जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।
उक्त मामला निर्माण कार्य में धांधली एवं घोटाले को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले ग्राम पंचायत गेरसा का है।जहाँ घने जंगलों के बीच से होकर बहने वाले हाथीढोंढा नाले में ग्रामीणों के बताए अनुसार लगभग 18 लाख की लागत से पुलिया के निर्माण कराया जा रहा है।पहाड़ी कोरवा मद से स्वीकृत इस पुलिया के निर्माण सन 2024-25 में सरपंच सचिव द्वारा शुरू कराया गया था।इस काम की शुरुआत के लिए सरपंच सचिव को लगभग 40 प्रतिशत राशि संबंधित विभाग द्वारा जारी की गई थी।जिसकी बदौलत सरपंच सचिव ने नाले के ऊपर पुलिया के ढांचा खड़ा कर दिया।ढांचा खड़ा करने में भी सरपंच सचिव ने अपनी जेब भरने के चक्कर मे काफी कोताही बरती।उन्होंने पुलिया का लेबल सड़क के बराबर करने के बजाए उसे काफी नीचे रखा ताकि लाखों रुपए की बचत हो सके।प्रथम किश्त की राशि से नाले में पुलिया का ढांचा खड़ा करने के बाद सरपंच सचिव को दूसरी किश्त चाहिए थी।
यह काम संबंधित अधिकारियों के बिना संभव नहीं था। इसलिए इन्होंने पहले अधिकारीयों से सांठगांठ किया और भरोसे में लेकर दूसरी किश्त के रूप में दस फीसदी छोड़ पूरी राशि जारी करवा ली।दूसरी किश्त जारी होते ही सरपंच सचिव ने पूरी राशि आहरित करने के बाद उसका बंदरबांट कर दिया।जिसकी वजह से हाथीढोढ़ी नाले पर सालों पूर्व प्रथम किश्त की राशि से खड़ा किया गया पुलिया का ढांचा सालों बाद भी जस का तस है।सरपंच सचिव ने उसमें एक ईंट जोड़े बिना पुलिया निर्माण की आड़ में दूसरी किश्त का लाखों रुपए डकार गए।ग्राम पंचायत गेरसा में निर्माण कार्य की आड़ में धांधली का ये कोई पहला मामला नही है।
ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे अनगिनत मामले है जिसमे सरपंच सचिव ने धांधली की है और लाखों रुपए का घोटाला किया है।ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत में हुए घोटाले को लेकर उच्चाधिकारियों के समक्ष कई बार शिकायत दर्ज कराई गई।लेकिन मामला हमेशा ढाक के तीन पात जैसा हो जाता है।जांच के नाम पर जो भी अधिकारी यहाँ आता है जांच के नाम पर लीपापोती करके चला जाता है।उन्होंने पहाड़ी कोरवा मद से होने वाले पुलिया निर्माण की आड़ में हुए घोटाले की जांच एवं कार्यवाही की मांग की है।ताकि जांच के नाम पर आज तक जितने भी लीपापोती हुए है उसका खुलासा हो सके।
