
एक ही व्यवसायी को दे दिया अलग अलग नाम से आठ प्लाट
अम्बिकापुर {दीपक सराठे}
नए उद्दमियो को रोजगार के अवसर प्रदान करने सी एच आई डी सी द्वारा नगर के गंगापुर इलाके में विकसित किये गए नए औद्दोगिक परिक्षेत्र में किये गए जमीन के आबंटन में एक बड़ा खेल सामने आया है । लगभग 55 जमीन के अलग अलग प्लॉट में एक मई को गुपचुप तरीके से या फिर ऊपरी अधिकारियो से सांठ गाँठ कर के 27 प्लाट का ऑनलाइन आबंटन कर दिया गया है । पहले चरण में आबंटित 27 प्लॉट में 18 जनरल 9 प्लॉट पिछड़ा वर्ग के लिए आबंटन होने थे।बड़ी बात यह है की इस आबंटन में एक ही परिवार या फिर कहे एक ही परिवार के रिस्तेदारो को 8 प्लॉट आबंटित कर दिया गया । मजे की बात यह है की जिस दिन यह आबंटन होना था उस दिन पूरा सर्वर डाउन होने के कारण कोई भी व्यवसाई आबंटन प्रक्रिया में हिस्सा नही ले सका । रायपुर सी एच आई डी सी में आधे घंटे के लिए आए सर्वर में यह सारा खेल खेला गया।सूत्रो से यह भी पता चला है की 18 प्लॉट में से लगभग 12 प्लॉट सी एच आई डी सी विभाग में हो बैठकर सरगुजा के कुछ पुराने व्यवसायियो ने ऑनलाइन किया और उन्हें प्लॉट भी आबंटित हो गए। इस बड़े खेल को लेकर इस आबंटन में दूर रखे जाने वाले व्यवसायियो ने कलेक्टर सरगुजा को आवेदन भी दिया है और अब हाई कोर्ट जाने की भी तैयारी कर रहे है।
छत्तीसगढ़ शासन के स्टेट इंडस्ट्रियल डेव्हलपमेंट कारपोरेसन के द्वारा नगर के गंगापुर क्षेत्र में उद्दोग स्थापना के उद्देश्य से उसे नए औद्दोगिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की कवायद कई महीनो से चल रही थी। सरगुजा के व्यवसाइयो खास कर नए व युवा व्यवसाइयो को नए उद्दोगों से जोड़ने के लिए इसकी स्थापना व तैयारी की गई थी ।प्रथम चरण में 55 में से 27 प्लॉट का आबंटन ऑनलाइन होना था ।
परंतु ना तो इसकी कोई जानकारी व्यवसाइयो को थी और ना ही अखबारो में इसकी सूचना प्रकाशित की गई थी। एक मई को गुपचुप तरीके से रायपुर सी एच आई डी सी विभाग ने 18 जनरल व 9 पिछड़ा वर्ग के लिए ऑनलाइन आबंटन किया गया।विभाग के अधिकारियो से सांठ गांठ होने की वजह से रायपुर में ही सम्बंधित विभाग में जा कर जिस व्यवसाई ने जिस व्यवसाई ने ऑनलाइन फ़ार्म भारा उसने अपनी तरफ से अलग अलग 8 नामो का फ़ार्म भरा था।उस व्यवसाई को पूरे 8 प्लॉट आबंटित कर दिए गए।
गौरतलब है की जिस व्यवसाई को यह 8 प्लॉट उसके ही परिवार के अलग अलग लोगो के नाम से आबंटित किये गए है उस व्यवसाई का पूर्व में भी बनारस रोड स्थित औद्दोगिक क्षेत्र में लंबे समय से 3 प्लॉट अभी भी खाली पड़ा है। चूँकि आबंटित औद्दोगिक क्षेत्र की भूमि को व्यवसाई बेच नही सकता इस कारण से उसे दूसरे के नाम से ट्रांसफर कर औद्दोगिक क्षेत्र की भूमि में करोडो की हेरा फेरी ऐसे व्यवसाई कर रहे है। ऐसे व्यवसाइयो की हेरा फेरी व विभाग से सांठ गांठ का नतीजा यह है की सरगुजा के बेरोजगारो को व्यवसाय करने ले लिए स्थान तक नही मिलता है।
औद्दोगिक परिक्षेत्र के आबंटन के इस व्यवसायिक खेल में गड़बड़झाले की शिकायत लोगो ने सरगुजा कलेक्टर श्रीमती ऋतू सेन से की है।शिकायत करने वालो में संजय केशरी, आशीष अग्रवाल, अनुग्रह दुबे, मनोज अग्रवाल, शतीस बंसल, उषा अग्रवाल सहित अन्य व्यवसाई मौजूद थे।
कराई जाएगी जांच:कलेक्टर
सरगुजा कलेक्टर श्रीमती ऋतु सेन से इस सम्बन्ध में चर्चा करने पर उन्होंने बताया की व्यवसायियों की शिकायत हमारे पास आई है। जहा तक एक ही परिवार के अलग-अलग लोगो के नाम से आठ प्लाट आबंटित हो जाने या फिर किये जाने की बात है तो मामले में जाँच कराई जाएगी।
[button color=”red” size=”medium” link=”औद्दोगिक क्षेत्र के भूमि आबंटन की अजब गजब दास्तान ” icon=”” target=”true”]इसे भी पढ़िए : बिजली के तार खा गए एक हजार मुर्गे..[/button]