Breaking News: छत्तीसगढ़ में आरक्षण को लेकर मचा हाहाकार, आदिवासियों ने रोका नेशनल हाईवे, लगा जाम; पूरा शहर आज बंद

कोंडागांव. आदिवासी आरक्षण को लेकर चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ हैं. सरकार ने आरक्षण का प्रावधान क्या लाया, सरकार खुद चारों तरफ से घिर गई है. आदिवासियों को किया गया आरक्षण प्रावधान से कई वर्ग के लोग इससे संतुष्ट नही हैं. वहीं दूसरी तरफ पूरा आरक्षण बिल लटका हुआ है. अब पिछड़ा वर्ग आरक्षण मांगने जगदलपुर-रायपुर मार्ग को रोक दिए हैं, जिससे आमजन को परेशानी हो रही हैं. एनएच 30 मार्ग आज पूरी तरह से बाधित हैं. पिछड़ा वर्ग ने सुबह से शाम तक के लिए राजमार्ग को बंद कर दिया हैं.

एनएच 30 राजमार्ग बाधित होने से लोगो को हो रही परेशानी

राजमार्ग को बाधित करने से परेशान लोग कह रहे हैं कि दबाव सरकार पर बनाओं आमजन पर नहीं. बता दें कि पिछड़ा वर्ग समाज 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग समेत अपनी पांच सुत्रीय मांगों को लेकर कोंडागांव शहर को बंद कर दिया है. यही नहीं नारायणपुर मोड़ चौक पर हजारों लोगों ने सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक जाम लगा दिया हैं. जिसके चलते हजारों लोग फंसे रहे जाम में बड़ी वाहनों को ही नहीं दुपहिया वाहनों तक को प्रवेश करने नही दिया जा रहा. जिसके चलते रायपुर, जगदलपुर, नारायणपुर की ओर जाने वाले यात्री ही नहीं माल वाहन भी सुबह से शाम तक फंसे रहे. कईयों की तो फलाईट भी कैंसल हो गयी, तो कईयों की तो ट्रेन भी छूट गयी.

पिछड़ा वर्ग की ये हैं 5 सूत्रीय मांगे

पिछड़ा वर्ग की मांग हैं, बस्तर, सरगुजा संभाग में पिछड़ा वर्ग को पेशा कानून में शामिल किया जाये. बस्तर, सरगुजा संभाग के पिछड़ा वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिया जाये. बस्तर सरगुजा संभाग में सरपंच, अध्यक्ष पद जनसंख्या अनुपात में उन्हें दिया जाये. 2005 के पूर्व जंगल जमीन में काबिज पिछड़ा वर्ग के लोगों को जंगल जमीन पर पट्टा प्रदाय किया जाये, 75 वर्ष काबिज होने की अनिवार्यता समाप्त की जाये.