देश में 72 फीसदी हादसों की वजह ओवर स्पीडिंग, जानें हर वर्ष कितने लोग गंवाते हैं जान?


नई दिल्‍ली. टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस पी. मिस्त्री की सड़क हादसे में मौत के बाद सेफ्टी के लिए नियम को और सख्‍त बनाने की बात शुरू हो गयी है. वहीं, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी पिछली सीट पर बैठने वालों के लिए सीट बेल्‍ट अनिवार्य करने और पालन न करने पर चालान करने के निर्देश दिए हैं. आपको पता है कि देश में होने वाले कुल सड़क हादसों में 72 फीसदी का कारण ओवर स्‍पीडिंग होता है और सबसे अधिक जानें भी जाती हैं.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ट्रांसपोर्ट रिसर्च विंग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2020 में देश में कुल 3.66 लाख सड़क हादसे हुए हैं. इनमें 1.31 लाख लोगों की मौत हुई हैं और 3.48 लाख घायल हुए हैं. हालांकि यह आंकड़ा वर्ष 2019 के मुकाबले 18 फीसदी कम है, यानी सड़क हादसे कम हुए हैं. लेकिन इन हादसों में सबसे अधिक हादसों का कारण ओवर स्‍पीडिंग रहा है. रिपोर्ट के अनुसार 72 फीसदी हादसों की वजह ओवर स्‍पीडिंग रही है. देश में एक्‍सप्रेसवे पर 100 किमी प्रति घंटे और अन्‍य हाईवे पर 60 से 70 किमी. प्रति घंटे की स्‍पीड निर्धरित है. लेकिन तमाम वाहन चालक निर्धारित स्‍पीड से तेज वाहन चलाते हैं, जिससे सड़क हादसे होते हैं.

रिपोर्ट के अनुसार ओवर स्‍पीडिंग की वजह से देशभर में वर्ष 2020 में 2.65 लाख हादसे हुए हैं और इनमें 912309 लोगों की मौत और 255663 लोग घायल हुए हैं. ओवर स्‍पीडिंग के बाद दूसरा कारण गलत लेन या दिशा में ड्राइविंग करना है. कुल हादसों में 5.5 फीसदी यानी 20.20 हजार हादसों की वजह से गलत लेन में ड्राइविंग है, जिनमें7332 लोगों की मौत और 19481 लोग घायल हुए हैं.

नशे में वाहन चलाना भी एक वजह बनता है. 2.3 फीसदी यानी 8355 सड़क हादसों का कारण नशा होता है, जिनमें 3322 मौंत और 7845 लोग घायल हुए हैं. लालबत्‍ती जंप करने की वजह से 2721 हादसों में 864 लोगों ने जानें गंवाई हैं, वहीं, गाड़ी चलाते समय मोबाइल का इस्‍तेमाल करने से 2917 लोगों की मौतें हुई हैं. अन्‍य कारणों से 62738 सड़क हादसों में 26040 लोगों ने जानें गंवाई हैं.