पड़ताल… गाय, गोबर और गौठान…!

@संजय यादव/21 जुलाई 2020
गाय गोबर गौठान..

कांग्रेस सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुधार लाने जो योजना तैयार कर रही निश्चित ही कारगर साबित हो सकती है, बशर्ते इसका क्रियान्वयन सही हो.. सरकार ने तो योजना बना दी है लेकिन ग्राम पंचायत इस योजनाओ को गंभीरता से नही ले रहा है। योजनाओं के बहाने ग्राम पंचायत के सरंपच,सचिव भ्रष्ट्राचार को बढा़वा दे रहे है। गाय,गोबर और गौठान को लेकर जिस तरह सरकार गंभीर है ग्राम पंचायतो के प्रतिनिधि नही है। इस योजनाओ के बहाने ग्राम पंचायतों में भ्रष्ट्राचार और बढ़ गया है। योजना के बाद जिले मे गौठानो व गाय की क्या दशा है यह तो दिख गया है अब गोबर का सही समय मे, सही दाम मिल रहा है कि नही यह भी दिख जायेगा ।
राजधानी के रमें खिलाड़ी ..

जांजगीर चांपा जिले के कांग्रेस जिलाध्यक्ष और महंत समर्थको की लड़ाई पीसीसी चीप तक तो पहुंच गई है . लेकिन देखना होगा कि महंत समर्थको का मांग पूरी होती है कि नही..अब दोनो के बीच प्रतिष्ठा की बात आ गई है। आने वाले दिनो मे पता चल पायेगा कि जिलाध्यक्ष और मंहत समर्थकों के बीच जीत किसकी होती है। महंत समर्थक कांग्रेसीयो केे शिकायत के बाद जिलाध्यक्ष इन रहते है या आउट हो जाते है। देखा जा रहा है कि जिस दमदारी से चैलेश्वर चन्द्राकार अध्यक्ष बने है उसे हटाना असान नही है। वो राजधानी के रमें, वरिष्ठ नेताओं से सीखे राजनीति के माहिर खिलाड़ी नजर आ रहे है..शहर में युवाओं की टीम भी चन्द्राकार के पास भारी संख्या में है जो अध्यक्ष के लिए कुछ भी करने तैयार बैठें है।
रेत ठेकेदारो की मनमानी..

पिछले वर्ष अपेक्षा इस वर्ष रेत के भाव आसमान में है। बारीश के दिनो मे भी 12 सौ टेªक्टर मिलने वाला रेत इस साल 3500 से 4 हजार में मिल रहा है। खनिज अधिकारीयो के साठगांठ से रेल ठेकेदार चांदी काट रहे है। लाॅकडाउन मे जो नुकसान हुआ है उसका भरपाई अभी कर रहे हैं। मकान बनाने वालो को जरूरत से ज्यादा भार मकान बनाने में लग रहा हैं। ऐसा नही है कि इसकी जानकारी खनिज विभाग के आला अफसरों को नही है पर वे ठेकेदारो के हाथ बिके हुए है। चाह कर भी कुछ नही कर सकते.. मिडिया का ज्यादा दबाव होने के बाद दो चार वाहनो पर परिवहन अधिनियम के तहत कार्यवाही करते है लेकिन रेत ठेेकेदारो पर किसी प्रकार की कार्यवाही नही होती हैं।
कोरोना काल में अध्यक्ष का बर्थडे पार्टी..

जिला पंचायत जांजगीर चांपा के अध्यक्ष ने करोनो काल में भी अपना बर्डे पार्टी शासकीय कार्यालय में तामझाम के साथ बना कर इन दिनों चर्चा में आ गई है। ऐसा नही है कि बर्डे पार्टी में सिर्फ जिला पंचायतोे के सदस्य शामिल हुए, जिला पंचायत सीईओ के अलावा आला अधिकारीयों ने जमकर पार्टी मनाई। कारोनो काल में महामारी से बचने के एक ओर उपाय किये जा रहे तो दूसरी ओर सारे नियम कायदो को धता बताते हुए शासकीय कार्यलय में बर्डे पार्टी बना कर अध्यक्ष जी क्या दिखाना चाह रही थी यह समझ से परे है।
निगम मंडलो पर महंत समर्थकों की नजर..

छत्तीसगढ़ सरकार की निगम मंडलो की पहली सूची जारी होने के बाद जिले में किसी निगम मंडलो में डां मंहत समर्थको को जगह नही मिल पाने का दुख इस कदर था कि कुछ ही दिनो बाद जिले के सभी समर्थक राजधानी रायपुर कुच कर पीसीसी अध्यक्ष से अपना व्यथा बताने लगे। पहली सूची से समर्थको नाराश होना पड़ा. लेकिन अभी दूसरी सूची आनी बाकी है हो सकता हैं इस लिस्ट मे डां महंत समर्थको थोड़ा जगह मिल जाये। इस बहाने अब डां चरण दास महंत समर्थकों का नजर अब निगम मंडलो की दूसरी लिस्ट पर टिकी हुई है। अब यह भी देखना होगा कि डां मंहत अपने समर्थकों को निगम मंडलो में जगह दिला पाते है कि नही।
कलेक्टर के बाद अब स्टेनो पर आरोप…

जांजगीर चांपा जिले के पूर्व कलेक्टर जनक पाठक के बाद अब कलेक्ट्रर कार्यालय के स्टेनो साहू पर गंभीर आरोप लगा हैं. प्रार्थी ने अपनी शिकायत अजाक थाने मे की है। अपने पद का धौंस जमाने में माहिर स्टेनो साहू पर इसके पहले भी कई आरोप लगे है लेकिन पद और पवार का भूत खुद के उपर इस कदर चढ़ा हैं कि उतरने का नाम नही ले रहा है। अपने आप को कलेक्टर से कम नही समझने.. अजाक प्रभारी के अनुसार स्टेनो के घर काम कर रहे कारपेंटर ने जातिगत गाली गलौज और मारपीट का आरोप लगाते हुए अजाक थाने मे शिकायत कराया है।

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