पड़ताल… कमीशन दो और काम लो…!

जांगजीर चांपा (संजय यादव). नगर पालिका जांजगीर नैला में पदस्थ इंजीनियरों से ठेकेदार तो परेशान है ही साथ में नगर के आमजन भी परेशान हैं. यहां कमीशन दो और काम लोग की नीति चलती है. बिना कमीशन के किसी भी फाइल को आगे नही बढ़ाते.. सुनने में तो यह भी आया है कि ठेकेदारो से प्रत्येक काम के एवज में मोटी कमीशन लेते है, जो ठेकेदार जितना जल्दी जेब भारता है उसका नोटसीट जल्दी चलता है। शहर के विकास कि लिए इन इंजीनियरो को कोई सरोकार नही है। बस अपनी जेब भरनी चाहिए. एक इंजीनियर तो अपने आप को मुख्य नगर पालिका अधिकारी से कम नही समझता. नगर पालिका मे सभी ठेकेदारो को अपने आगे पीछे घुमाता है। चर्चा तो यह भी है कि जल अवर्धन योजना के तहत ठेकेदार से भारी कमीशन भी लिया है.

ऐसी कलेक्टरी किस काम की..
जांजगीर चांपा के नवपदस्थ कलेक्टर यशवंत कुमार के आने के बाद कलेक्ट्रोरेट कार्यालय में छुटभैया नेताओ की कमी देखी जा रही है जो आये दिन कलेक्ट्रोरेट कार्यालय के आसपास मंडराते दिख जाते थे. अब वे लोगो से कहने लगे है कि ऐसी कलेक्टरी किस काम की, साहब पूछते तक नही, पूर्व कलेक्टर के चाहने वाले नेता आये दिन कलेक्टर चेम्बर मे किसी न किसी काम के बहाने दिख जाते थे। जो आजकल भूमिगत हो गये है या नवपदस्थ कलेक्टर यशवंत कुमार के पास उनकी दाल नही गल रही है।

नीम पथ बना सेल्फी पांइट…
कलेक्ट्रोरेट जाने वाली रोड़ जो नीम पथ के नाम से जाना जाता था. आजकल सेल्फी पांइट बन गया है आये दिन युवक, युवती DSLR कैमरा लेकर सेल्फी व फोटोग्राफी का आंनद लेते नजर आते हैं. कभी- कभी ऐसा भी नजारा देखने को मिलता हैं जो एक सर्वजानिक जगह में सही नही है।

भगवान भरोसे पालिका…
जांजगीर नैला नगर पालिका के अध्यक्ष को इन दिनो एक खास चिंता सता रहा है। उन्हे अब अपने लोगो पर भी भरोसा नही रहा. दिन पलटने में समय नही लगता . इसका डर कभी -कभी अध्यक्ष को भी सताने लगा है। इसलिए वे किसी के भरोसे नही बल्कि भगवान के भरोसे ही अपना अध्यक्षीय चला रहे हैं। उन्हे अब विपक्ष की नही अपने लोगो से ज्यादा डर लगने लगा है। विपक्ष भी समय के इंतजार में है.

करते रहो शिकायत…
जिले का खनिज विभाग में भ्रष्ट्राचार चरम पर है सैकड़ो शिकायत के बाउजुद विभाग के अधिकारी कार्यवाही में खानापूर्ती कर अपने जिम्मेदारीओ से बचते आ रहे है। विभाग में दर्जनो की संख्या में रोज ग्रामीण विभाग के पास पहुंच कर शिकायत करते धक गये है. लेकिन न ही अवैध रेत उत्खनन कम हो रहा और न अवैध ईट भटटे कम हो रहे है। और न ही अधिकारीयों का जेब का वजन कम हो रहा है। जिले में अवैध रेत ,ईट भटे,पत्थर खदान, उत्खनन करने वाले सभी लोगो का डारेक्ट सेटिंग विभाग के उच्च अधिकारीयो से है.

खुद की हुई फजीहत…
सोमवार को कांग्रेसीयो द्वारा पेट्रोल, डीजल के दरो में हो रही वृद्वि को लेकर केन्द्र सरकार के विरोध में सायकल रैली का आयोजन किया गया था. लेकिन कांग्रेसी मुददो को छोड़ आपस में लड़ भिड़ें..अपने नेता के नजर में अच्छे बनने की कोशिश कर खुद की फजीहत करा बैठे. जिलाध्यक्ष के खिलाफ खुब नारे लगाये. अपने नेता का फोटो प्लेक्सी में नही होने के कारण जिलाध्यक्ष को ही खरी खोटी सुना दिये. लेकिन उन्हे यह नही पता था कि विधानसभा अध्यक्ष का पद संवैधानिक होने के कारण धरना,प्रदर्शन मे नही लगा सकते. अपने नेता के नजर में अपना कद बढ़ाने के चक्कर में खुद की ही छी-छी लेदा हो गई. नेता भी अपने समर्थको को अच्छे से फटकार लगाया।

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