अगर आप भी सरकारी नौकरी में है या अच्छा खासा पैसा कमाते है तो एक बार जरूर पढ़ें इस व्यक्ति के बारे में

फटाफट स्पेशल : ये जो तस्वीर आप देख रहे है ये  दोनो व्यक्ति पिता और पुत्र हैं, पुत्र का नाम है Dr. Sandeep Mittal (डॉ संदीप मित्तल )
और ये कोई छोटे मोटे आदमी नहीं है बल्कि पुलिस विभाग में सीनियर IPS अधिकारी व महानिदेशक है , आपको बता दे कि ये भारतीय संसद भवन के सुरक्षा सचिव भी रह चुके हैं, इन्होने तमाम वीरता पुरस्कार प्राप्त किया हैं, विश्व के तमाम विश्वविद्यालयों से कई मानद उपाधियां भी मिल चुकी है। अब आप सोंच रहे होंगे कि हम आपको ये सब क्यों बता रहे है ? तो आगे पढ़िए आपको जवाब मिल जाएगा –

सरकारी नौकरी, और नौकर चाकर होते हुए भी ये स्वयं अपने वृद्ध पिता की सेवा कर रहे हैं, ये मिशाल है उन लोगों के लिए जो थोड़ी सी सफलता मिलते ही माँ बाप को पराया कर देते हैं. खासकर सरकारी नौकरी वालो का एक बड़ा तबका ऐसा है जिनकी बीबियां बूढ़े सास ससुर को अपने घर मे नही रखना चाहती है, और उनको लगता है कि ये बूढ़े लोग उनके एलीट क्लास में फिट नही बैठते , शर्म आनी चाहिए ऐसे सोच वालों को जो बूढ़े मां बाप को अपनी तरक्की में बाधक मानते हैं, एक बात याद रखना दोस्तों अगर सुशांत सिंह अपने माँ बाप के साथ रहता तो रिया की कभी हिम्मत नही पड़ती उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहने की । और सायद वह इतना परेशान नहीं होता और आज जीवित होता।

आपने कभी गौर ही नहीं किया होगा, तमाम बुरे लोगों से आपका पीछा यूं ही छूट जाता है जब आपके घर की हुकूमत आपके माँ बाप के हाथों में रहती है जब आप अपने माँ बाप के साथ रहते हो और घर का सारा मालिकाना उनके पास रहता है तो इसका फायदा यह होता है कि न तो कोई आपका दोस्त आपसे गैर जरूरी कामों के लिये उधार पैसे ले सकता है न ही आपकी गाड़ी और न ही आपके घर मे आकर रह सकता है आपके दरवाजे पर लेटा हुआ एक बुजुर्ग किसी बंदूक से ज्यादा आपकी रक्षा करता है।

कल को आपके बच्चे हो तो वो मां ही है जो उस स्थति में आपके बीवी और बच्चे को सम्हालती है , अगर माँ बाप बूढ़े भी है तब भी वो हमारी कितनी मदत करते है ये आप कभी सोंच भी नहीं सकते , इस दुनिया में अगर आप अपने बच्चो को किसी के भरोसे छोड़ सकते हो तो वो एक ही प्राणी है , माँ बाप ” जो आपसे भी ज्यादा ख्याल रखते है आपके बच्चे का लेकिन मनुष्य क्यों नहीं देख पता उनके प्यार को ?

अभी एक पराई लड़की जिसे आप जानते तक नहीं अगर वो आपसे प्यार का इजहार करे तो आप अपना सबकुछ उस पर न्यौछावर कर उसके लिए मर मिटते है। लेकिन उस माँ का क्या जिसने इतना दर्द सह कर आपको जन्म दिया कभी झूठा प्यार नहीं जताया , और वो पिता जिसने खुद 2 साल से कपडे न ख़रीदे हो लेकिन आपको हर त्यौहार में कपडे दिलाये , ठंडी गर्मी , भूख प्यास सब झेल गया आपके लिए और कभी जिक्र भी नहीं किया।

मनुष्य उनके प्यार और बलिदान को कैसे भूल सकता है। याद रखिये अभी जो हमारे शरीर पर खून दौड़ रहा है वो हमारा नहीं हमारी माँ का है। सबसे आखिर में यही कहना है कि कस्बा या टियर 3 सिटीज में एक 500 वर्ग का घर और एक मारुति कार खरीद कर , अपनी बीबी के बहकावे में आकर आप अपने माँ बाप को अपनी बराबरी का नही समझते हो ,लेकिन यह याद रखना की मुकेश अंबानी आज भी अपनी माँ के साथ रहते हैं और विश्व के सबसे अमीर औऱ पॉवरफुल लोगों में उनका नाम है जबकि अनिल अंबानी अपनी बीबी के बहकावे मे आकर मां को छोड़कर अलग रहने लगे थे आज अनिल कि हालात देख लो।

जिस तरह बच्चो को बचपन में माँ की जरुरत होती है उसी तरह माँ को भी बुढ़ापे में बच्चों की जरुरत होती है, जब उसने आपका साथ नहीं छोड़ा तो आप उसे कैसे छोड़ सकते हो ? समय रहते माँ बाप की अहमियत समझ जाओ वरना कल को आपके बच्चे आपसे बढ़ कर निकलेंगे। याद रखना जब तक डाल पेड़ में लगी है वो सुरक्षित है जिस दिन निचे गिरी उस दिन उसका अस्तित्व खतम.