Bhojan Niyam, Bhojan Ke Upay, Vastu Bhojan Niyam : वास्तु शास्त्र नियम के अनुसार, भोजन के समय कुछ विशेष नियमों का पालन करना होता है जो हमारे जीवन को स्वास्थ्यपूर्ण और समृद्ध बनाए रखते हैं। ये नियम न केवल भोजन की अच्छी आदतें सिखाते हैं, बल्कि हमें धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी सजग रखते हैं। इन नियमों का पालन करके हम अपने जीवन में स्थिरता, सुख, और समृद्धि को बढ़ा सकते हैं।
Bhojan Niyam : थाली में हाथ धोना और अन्नपूर्णा की प्रसन्नता
अक्सर देखा गया है कि लोग अपने भोजन के बाद ही उसी थाली में हाथ धो देते हैं। यह आलस्य का प्रतीक माना जाता है, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार इस आदत से माता अन्नापूर्णा नाराज हो जाती हैं। इसके फलस्वरूप भोजन के बाद कुछ लोगों को रोगों का सामना भी करना पड़ता है। इसलिए भोजन के बाद थाली में हाथ न धोने की सलाह दी जाती है।
Bhojan Niyam : बिस्तर पर बैठकर न खाएं खाना
वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार, जिस बिस्तर पर हम सोते हैं, उसी पर बैठकर भोजन करना नहीं चाहिए। यह आदत नकारात्मक ऊर्जा का आवास बना सकती है और अनेक बीमारियों का कारण बन सकती है। साथ ही इससे आर्थिक समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है। इसलिए भोजन करते समय यह सुनिश्चित करें कि हम बिस्तर पर नहीं बैठे।
Bhojan Niyam : एक साथ न परोसें तीन रोटियां
वास्तु शास्त्र के अनुसार, थाली में कभी भी एक साथ तीन रोटियां नहीं परोसी जानी चाहिए। इसकी बजाय दो रोटियां परोसें और उन्हें चावल के ऊपर रखें। इस प्रकार भोजन करने से माता अन्नापूर्णा की प्रसन्नता मिलती है और हमारे जीवन में समृद्धि आती है।
Bhojan Niyam : थाली को अच्छी तरह साफ करके ही परोसें खाना
भोजन करते समय ध्यान दें कि थाली में पानी की बूंदें न हों। थाली में बची रही भोजन की जूठी चीजें अस्वीकार्य होती हैं और इससे नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। साथ ही इससे आर्थिक मंदी का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए भोजन के बाद थाली को अच्छी तरह से साफ करके ही उसमें खाना परोसें।
Bhojan Niyam : थाली में न छोड़ें खाना
कई लोगों की यह आदत होती है कि वे जितना खाना खाना होता है, उतना ही खा लेते हैं और फिर थाली में खाना छोड़ देते हैं। यह आदत भोजन के नियमों के अनुसार सही नहीं मानी जाती है। थाली में बचा हुआ खाना बिना किसी उपयुक्त स्थान पर रखना, जैसे कि कचरे वाले बिन में, एक अच्छा नहीं माना जाता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अत: इस आदत से बचना चाहिए और भोजन के नियमों का पालन करना चाहिए।
इन सभी वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करके हम अपने जीवन को सुखी, समृद्ध और स्वास्थ्यपूर्ण बना सकते हैं। यदि हम इन नियमों को अपनाते हैं, तो हमें अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा और हमारे परिवार में सुख और समृद्धि की वृद्धि होगी।