महासमुंद. प्रदेश के हाथियों पर संकट की घड़ी चल रही हैं. एक के बाद एक हाथियों के मौत की खबर सामने आ रही हैं. महासमुंद से खबर हैं कि फिर एक हाथी की करंट लगने से मौत हो गयी. कोडार बाध नहर नाली के पास 200 मीटर के आसपास बिजली करंट का जाल बिछाया गया था. जहां 2 हाथी विचरण कर रहे थे तभी एक दंतैल हाथी करंट की चपेट में आ गया. वही उसकी मौत हो गयी. मौके पर वन अमला पहुँच चुका है. घटना देर रात की बताई जा रही है. बता दे कि पिछले 1 महीने के अंदर करंट लगने से 4 हाथियों की मौत हो चुकी हैं.
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लगातार करंट से हाथियों के मौत को लेकर वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कहा कि जिन क्षेत्रों में विचरण चल रहा है. पहले की कोशिश होती है कि उधर के क्षेत्रों में विद्युत प्रदाय बंद किया जाए. कुछ मामले अपराध की श्रेणी में आते हैं. फसल बचाने के लिए करंट वायर लगाया उससे हाथी की मौत हुई, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हैं. अब तक जो भी मामले हुए हैं दोषी पाए जाने वाले को जेल भेजे हैं.
वन विभाग से मिली जनाकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 300 हाथियों का 16 दल कई इलाकों में विचरण कर रहा है. इससे पहले दिसम्बर के अंत में जशपुर वनमंडल के अंर्तगत हाथी की मौत हुई थी. वही दिसंबर माह की शुरुआत में रायगढ़ जिले के कांसाबेल वन परीक्षत्र के अंर्तगत हाथी की मौत करंट लगने से हुई थी. रायगढ़ जिले के घरघोड़ा वन मंडल में भी करंट से हाथी की मौत हुई थी. वही सूरजपुर के पकनी इलाके में भी नवंबर माह में हाथी की मौत करंट से हुई थी.