जांजगीर चांपा। जिले के नवागढ़ ब्लॉक के कन्हाईबंद गांव में प्रस्तावित कोल डिपो को लेकर हालात लगातार तनावपूर्ण होते जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कोल डिपो संचालक स्थानीय विधायक के नाम का सहारा लेकर ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों को खुलेआम डरा-धमका रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार, कोल डिपो खोलने के लिए ग्राम पंचायत से प्रस्ताव पास कराने का दबाव बनाया गया। जब पंचायत प्रतिनिधियों ने जनहित का हवाला देते हुए प्रस्ताव देने से इनकार किया, तो उन्हें देख लेने की धमकी दी गई।
सबसे गंभीर बात यह है कि ग्राम पंचायत की सहमति के बिना ही कोल डिपो खोलने की तैयारी चल रही है। नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे इस प्रयास से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
ग्रामीणों ने इस पूरे मामले को लेकर कलेक्टर से लिखित में शिकायत करते हुए कार्यालय में डायवर्शन पर आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि कोल डिपो खुलने से गांव की खेती, पर्यावरण और स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ेगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि पहले से ही कोयले की आवाजाही और धूल के कारण सब्जी और फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। खेतों पर धूल की मोटी परत जम रही है, जिससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है।
“किसी भी हालत में नहीं खुलने देंगे कोल डिपो”
ग्रामीणों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि किसी भी कीमत पर कोल डिपो नहीं खुलने देंगे। जरूरत पड़ी तो आंदोलन और चक्काजाम से भी पीछे नहीं हटेंगे।
इतने गंभीर आरोपों और जनविरोध के बावजूद जिला प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है और दबंगों को खुली छूट दी जा रही।
कोल डिपो के संचालक पर मनमानी करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित संचालक को स्थानीय विधायक का संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते वह नियमों की अनदेखी कर खुलेआम ग्रामीणों को धमका रहा है।
