
जांजगीर चांपा। जिले के नवागढ़ ब्लॉक के कन्हाईबंद ग्राम पंचायत द्वारा बिना अनुमति लिए मेसर्स टर्टल सर्विसेस प्रोपाइटर शशांक कुमार सिंह निवासी रामा ग्रीन सरकंडा बिलासपुर द्वारा ग्राम पंचायत कन्हाईबंद में खसरा नंबर 660 रकबा 0.717 हेक्टेयर में खनिज क्षमता 19 हजार एमटी, एवं 1 हजार एमटी अस्थाई अनुज्ञा पत्र के लिए मांग पत्र ग्राम पंचायत कन्हाईबंद में कोल भंडारण के लिए प्राप्त हुआ है। उक्त भूमि में कोल भंडारण के लिए नीरज सिंह पिता सीताराम द्वारा अनापत्ति पत्र की मांग की गई थी। जिसे खारिज कर दिया गया था। इसके बाद भी गुपचुप तरीके से जिले के राजस्व अफसरों द्वारा अनुमति देने की तैयारी की जा रही थी। आखिरकार ग्रामीणों ने अब इसका विरोध करते हुए कोर्ट की राह अपनाई। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कोल डिपो खुलने से कई प्रकार की बीमारी ग्रामीणों को हो रही हैं.
ग्राम वासियों ने जिला प्रशासन से शिकायत किया है कि शशांक कुमार सिंह के द्वारा ग्राम पंचायत कन्हाईबंद, जनपद पंचायत नवागढ़, जिला जांजगीर-चांपा (छ०ग०) के भूमि खसरा नंबर 660/2, 660/5, 660/6, 660/7, 660/8 रकबा 0.717 हेक्टेयर भूमि में खनिज कोयला भण्डारण के लिए अनुमति न दिया जावे। अगर उक्त भूमि पर खनिज कोयला भण्डारण की अनुमति दी जाती है तो हमारे दैनिक व्यवस्था को प्रभावित होगा, पूर्व से ही कोल डिपो, एवं कोल साईडिंग संचालित है जिससे भारी वाहनों के आवागमन से रेलवे फाटक में जाम की स्थिति बना रहतो है तथा भारी वाहनों के चलने से काला धुल हमारे आसपास के क्षेत्रों का पर्यावरण दूषित डो रहा है। उक्त भूमियों के पास तालाब है जिसमें महिला एवं पुरूष नहाते है, मवेशी पानी पीते है तथा मछली पालन भी किया जाता है। कोयला भण्डारण से पानी और भी प्रदूषित हो जावेगा। उक्त भूमि पर आवागमन का कोई साधन नहीं है। उक्त भूमि के पास कुंआ, मंदिर, तालाब एवं सिंचाई के लिए माइनर भी है। यहां पर एक और कोयला भण्डारण खुल जाने से स्थिति भयावह हो जावेगी। अब देखना होगा कि ग्रामीणों द्वारा किए शिकायत पर जिला प्रशासन क्या कार्रवाई करती हैं।




