बस्तर दशहरे के विशाल आयोजन की एक झलक….

जगदलपुर (कृष्णमोहन कुमार) बस्तर दशहरा लोकोत्सव में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टाॅलों में शासन की योजनाओं और विकास की झलक दिखाई दे रही है, जिसे लोकोत्सव में पहुंचने वाले ग्रामीण और नागरिक बड़ी उत्सुकता के साथ देख रहे हैं।

बस्तर में बिखर रही,विकास की बयार,,,

बस्तर अंचल अब करवट बदल रहा है और परम्परागत खेती से आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ा रहा है। कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टाॅल में समन्वित कृषि को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का माॅडल दिखाया गया है। यहां कृषि फसल के साथ ही सब्जी और फल की खेती, मुर्गीपालन, बकरीपालन, दुग्ध उत्पादन, मछलीपालन के माध्यम से किसानों के जीवन में आ रही खुशहाली को दिखाया गया है। इसके साथ ही नदी-नालों के किनारे विद्युत लाईन विस्तार, दुर्गम क्षेत्रों में सौर सुजला योजना के माध्यम से दोफसली खेती को बढ़ावा, जल संरक्षण के लिए लूज बोल्डर चेक डेम, शाकम्भरी योजना के तहत पम्प, किसान समृद्धि योजना के तहत नलकूप योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन एवं आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है। कृषि महाविद्यालय, उ़द्यानिकी महाविद्यालय और कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा सामुहिक रुप से सजाए गए स्टाॅल में जल संग्रहण माॅडल, विभिन्न प्रकार के कंदमूल, फल धान एवं लघु धान्य फसलों के विभिन्न किस्म तथा मशरुम की खेती का प्रदर्शन किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां महिला स्व सहायता समूह द्वारा तैयार विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय भी किया जा रहा है। उद्यानिकी विभाग की प्रदर्शनी में फल-फूल, मसाला और कंद की खेती को बढ़ावा देने के साथ ही शेडनेट, ड्रिप सिस्टम और स्प्रिंकलर के उपयोग से ‘वन ड्राॅप मोर क्राॅप‘ के तहत कम पानी में अधिक फसल की उपज के लिए प्रेरित किया जा रहा है। पशुधन विकास विभाग की प्रदर्शनी में विभिन्न प्रजाति के मुर्गों के साथ ही बत्तख पालन, डेयरी उद्योग के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही यहां विभिन्न प्रकार के हरे चारे की खेती के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। मछली पालन विभाग की प्रदर्शनी में मछली पालन के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण एवं शासन द्वारा प्रदाय की जाने वाली सहायताएं बताई गई हैं। सिंचाई विभाग द्वारा कोसारटेडा मध्यम सिंचाई जल परियोजना तथा कावारास व्यपवर्तन योजना से क्षेत्र में आ रही हरियाली और खुशहाली का प्रदर्शन अपने स्टाॅल में किया गया है। सहकारिता विभाग द्वारा सामुहिक मछली पालन, दुग्ध उत्पादन, आदिम जाति सेवा सहकारी समिति, सहकारी बैंक, वनोपज सहकारी समिति, खनिकर्म सहकारी समिति एवं सामुहिक कृषि के माध्यम से आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ रहे ग्रामीणों को रेखांकित किया गया है।

प्राकृतिक छटा से सराबोर ,स्टाल प्रदर्शनी,,

प्राकृतिक सुंदरता से सराबोर बस्तर में स्थित तीरथगढ़ और चित्रकोट जलप्रपात के साथ ही कांगेर घाटी सुंदरता का प्रदर्शन वन विभाग की प्रदर्शनी में किया गया है। यहां पहाड़ी मैना, विभिन्न प्रकार की काष्ठ और बांस की प्रजातियों के प्रदर्शन के साथ ही साल वृक्ष के महत्व को अंकित किया गया है। यहां विभिन्न प्रकार की वनौषधियां भी विक्रय की जा रही है। जेल विभाग की प्रदर्शनी में बंदियों द्वारा तैयार सीसल, खादी, काष्ठ शिल्प व फर्नीचर का प्रदर्शन किया जा रहा है। नगर निगम की प्रदर्शनी में मिशन क्लिन सिटी के तहत किए जा रहे कार्यों के साथ ही महिला सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे प्रयासों को प्रदर्शित किया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन एयरपोर्ट का माॅडल तथा मेडिकल काॅलेज सहित विभिन्न भवनों एवं सड़कों का प्रदर्शन किया गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा सोलर आधारित स्थल जल प्रदाय योजना के साथ ही फ्लोराईड रिमूवल पम्प प्रदर्शित की गई है। प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना द्वारा बास्तानार विकासखण्ड में बिछाए गए सड़कों के जाल के साथ ही बैली ब्रिज का प्रदर्शन किया गया है। यहां मेरी सड़क मोबाईल एप्लीकेशन के माध्यम से सड़कों के मरम्मत के लिए उपलब्ध सुविधा भी प्रदर्शित की गई है।

खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा बांसकला, जूटकला, कोसा एवं खादी एवं ग्रामोद्योग के तहत तैयार विभिन्न उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। रेशम विभाग द्वारा रैली, टसर एवं मलबरी कोसा का उत्पादन के साथ ही धागाकरण की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया जा रहा है। जिला उद्योग एवं व्यापार केन्द्र में विभिन्न औद्योगिक ईकाइयों द्वारा तैयार उत्पाद तथा हस्तशिल्प विभाग द्वारा बेल मेटल, काष्ठ शिल्प, कौड़ी शिल्प, बांस शिल्प, सीसल एवं लौह शिल्प की वस्तुएं प्रदर्शित की जा रही हैं।

एकलव्य को भी मिली जगह,,

आदिवासी विकास विभाग द्वारा एकलव्य आवासीय विद्यालय एवं स्कूल शिक्षा विभाग ने बच्चों द्वारा विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित माॅडल्स प्रदर्शित किया है। यहां साक्षर भारत कार्यक्रम के स्टाॅल में चित्रात्मक कहानियों की किताबें भी प्रदर्शित की जा रही हैं। कौशल विकास विभाग द्वारा सोलर, इलेक्ट्रिशियन, कम्प्यूटर एवं मोबाईल हार्डवेयर आदि प्रशिक्षण को प्रदर्शित किया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा अपनी प्रदर्शनी में बाल संरक्षण गृह के बच्चों द्वारा तैयार कलात्मक वस्तुओं का प्रदर्शन के साथ ही सुपोषित आहार का प्रदर्शन किया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले में संचालित सुपोषित बस्तर अभियान का प्रदर्शन मुख्य रुप से किया गया है। पुलिस विभाग की प्रदर्शनी में सुरक्षा के साए में हो रहे अंदरुनी क्षेत्रों के विकास को प्रदर्शित करने के साथ ही सेल्फी जोन भी बनाया गया है, जहां जवान के गेट-अप में सेल्फी ली जा रही है। डिजीटल इंडिया के स्टाॅल में आधार संशोधन एवं आधार सीडिंग की सुविधा प्रदान की जा रही है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के स्टाॅल में मानव अधिकार, लैंगिक उत्पीड़न, भरण पोषण, श्रमिक अधिकार, महिला अधिकार, बाल विवाह, मौलिक कत्र्तव्य एवं सखी वन स्टाॅप सेंटर सहित विधिक जानकारी दी जा रही है।

पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जन्म शताब्दी वर्ष के  अवसर पर जनसम्पर्क विभाग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चिंतन के अनुरुप छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों के साथ जिले में संचालित विकास कार्योंे की फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है। यहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय के जीवन परिचय के साथ झलकियों की तस्वीरें लगाई गई हैं। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ शासन द्वारा अंत्योदय के लिए संचालित शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, खेल, खाद्य सुरक्षा, ऊर्जा एवं कौशल विकास योजनाओं के साथ ही केन्द्रीय योजनाओं में छत्तीसगढ़ की भागीदारी को भी प्रदर्शित किया गया है।