भोपाल। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती के पद बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच अब राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लिखे गए पत्र पर राज्य सरकार ने कड़ा पलटवार किया है। प्रदेश के कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल ने राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें “बिना लक्ष्य की मिसाइल” करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता को यह आभास ही नहीं रहता कि निशाना कहां साधना है, जिससे उनके वार हमेशा बेअसर साबित होते हैं। टेटवाल ने सलाह दी कि राहुल गांधी को कुछ भी बोलने से पहले जमीनी हकीकत और तथ्यों का आकलन कर लेना चाहिए।
यह पूरा विवाद शिक्षक भर्ती परीक्षा के पदों में वृद्धि को लेकर उपजा है, जहां पिछले 46 दिनों से अभ्यर्थी राजधानी भोपाल में प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मुद्दे को उठाते हुए राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि प्रदेश में शिक्षकों के एक लाख से अधिक पद रिक्त होने के बावजूद शिक्षक भर्ती-2025 में सीमित विज्ञापन जारी किए गए। उन्होंने वर्ग-2 में प्रत्येक विषय के 3 हजार और वर्ग-3 में 25 हजार पद बढ़ाने, आंदोलनकारी अभ्यर्थियों पर दर्ज नोटिस वापस लेने तथा दूसरे चरण की काउंसलिंग अविलंब शुरू करने की मांग उठाई थी।
विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए सरकार ने रोजगार और भर्ती के आधिकारिक आंकड़े सामने रखे हैं। मंत्री टेटवाल ने दावा किया कि राज्य सरकार युवा सम्मेलनों और विभागीय योजनाओं के माध्यम से निरंतर युवाओं को नियुक्तियां दे रही है। वहीं, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी स्पष्ट किया कि वर्तमान कार्यकाल में अब तक 85 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने घोषणा की कि चालू वर्ष में लगभग 1,500 नए पदों की प्रक्रिया शुरू होगी, जबकि आगामी वर्ष में विभिन्न विभागों के तहत कुल 1 लाख नई नौकरियों के अवसर सृजित किए जाएंगे।
