फटाफट डेस्क। कर्नाटक के पिरियापटना में आयोजित ‘प्रजा सेवा’ जनसुनवाई कार्यक्रम उस वक्त एक गंभीर सामाजिक विमर्श का केंद्र बन गया, जब एक व्यथित किसान ने मंच पर पहुंचकर सीधे उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से अविवाहित किसानों के लिए ‘दुल्हन खोज योजना’ शुरू करने की गुहार लगाई। किसान ने मंच से भावुक होते हुए कहा कि प्रदेश में 35 से 40 वर्ष की आयु पार कर चुके लाखों युवा किसान घर, जमीन और संचित पूंजी होने के बावजूद जीवनसाथी की तलाश में भटक रहे हैं। समाज में किसानों को दामाद न बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति के कारण हताशा इस कदर बढ़ चुकी है कि कई युवा आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो रहे हैं।
शुरुआत में इस अनोखी मांग को सुनकर शिवकुमार मुस्कुराए और आश्चर्य व्यक्त किया, लेकिन किसान ने बेहद तल्ख और मार्मिक तर्कों के साथ इसे पूरे राज्य का सबसे बड़ा मौन संकट करार दिया। किसान ने सवाल उठाया कि जो अन्नदाता दिन-रात पसीना बहाकर पूरे देश का पेट भरता है, आखिर माता-पिता उसी परिवार में अपनी बेटियों की शादी करने से परहेज क्यों कर रहे हैं? किसान ने जोर देकर कहा कि यदि राज्य सरकार इस सामाजिक संकट का संज्ञान लेते हुए कोई ठोस नीतिगत पहल करे, तो प्रदेश के लाखों हताश युवकों के जीवन को एक नई दिशा और सहारा मिल सकता है।
