बिलासपुर। पड़ोसी के झगड़े में बीच-बचाव करना एक व्यक्ति को इतना भारी पड़ा कि आरोपियों ने देर रात घर में घुसकर रस्सी से उसका गला घोंट दिया। इस सनसनीखेज मामले में पंचम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश छाया सिंह की अदालत ने तीनों आरोपियों राजेश सूर्यवंशी, योगेश सूर्यवंशी और रामकुमार सूर्यवंशी को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों पर ₹100-₹100 का अर्थदंड भी लगाया है, साथ ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देश दिया है कि पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत मृतक की पत्नी को समुचित आर्थिक मुआवजा प्रदान किया जाए। इस प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी दामोदर मिश्रा ने की थी।
वारदात 4-5 अगस्त 2024 की रात सकरी थाना क्षेत्र के सूर्यवंशी मोहल्ले में हुई थी। शाम करीब साढ़े सात बजे मोहल्ले में अनिल और करण के बीच मारपीट हो रही थी। शोर सुनकर रामायण सूर्यवंशी मवेशी हांकने वाला डंडा लेकर बाहर निकले और विवाद शांत कराने का प्रयास करने लगे। इसी बात को लेकर आरोपियों ने रामायण से गहरी रंजिश पाल ली और उन्हें रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
रात करीब 12 बजे खाना खाकर परिवार सो गया था। रात करीब दो बजे जब रामायण आंगन की ओर निकले, तभी घात लगाए बैठे तीनों आरोपियों ने खिड़की पर पथराव करते हुए गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। रामायण जैसे ही बाहर आए, आरोपियों ने उन पर हमला बोल दिया। योगेश ने रामायण के दोनों हाथ जकड़ लिए, रामकुमार ने पैर दबाए और राजेश ने प्लास्टिक की रस्सी से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी। चीख-पुकार सुनकर जब तक परिजन बाहर आते, तीनों चारदीवारी फांदकर फरार हो चुके थे। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने रामायण को मृत घोषित कर दिया था, जिस पर अब अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है।
