अम्बिकापुर। सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र में हाथियों की बढ़ती आवाजाही, फसलों की बर्बादी और हाल ही में एक शावक की मौत से उपजे तनाव के बीच सरगुजा सांसद चिंतामणि महराज सीधे प्रभावित गांवों में पहुंचे। उन्होंने महेशपुर, फूनगी और रामनगर का सघन दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। रामनगर के पण्डो पारा में औपचारिकताएं छोड़कर सांसद खुद जमीन पर ग्रामीणों के साथ बैठे और चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनीं।
खेतों की मेढ़ तक पहुंचकर सांसद ने हाथियों द्वारा रौंदी गई फसलों का मुआयना किया। इस दौरान बेबस किसानों ने अपनी पीड़ा साझा करते हुए फसल सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और समय पर उचित मुआवजा दिलाने की मांग रखी। सांसद ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए मौके पर ही प्रशासनिक अमले को निर्देशित किया कि फसलों के नुकसान का त्वरित आकलन कर मुआवजे की प्रक्रिया बिना किसी देरी के पूरी की जाए।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। सांसद ने जनभावनाओं का सम्मान करते हुए क्षेत्र में आंगनबाड़ी भवन, पुलिया निर्माण और रोशनी के लिए हाईमास्ट लाइट लगाने जैसी मांगों को प्राथमिकता से पूरा कराने का ठोस भरोसा दिया।
इस निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और वन अमला भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। मौके पर एसडीएम, तहसीलदार तारा सिदार, एसडीओ (फॉरेस्ट) सपना मुखर्जी, रेंजर फेंकू प्रसाद चौबे, रामनगर सरपंच प्रदीप मरकाम सहित राजस्व व वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। सांसद ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि मानव-हाथी द्वंद को रोकने के लिए मैदानी स्तर पर गश्त बढ़ाई जाए और ग्रामीणों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
