नई दिल्ली। दुबई से तेल अवीव की उड़ान भर रहा ‘फ्लाईदुबई’ का बोइंग 737 MAX 8 विमान (FZ1073) जब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था, तभी कॉकपिट के भीतर अप्रत्याशित खूनी संघर्ष शुरू हो गया। कथित तौर पर को-पायलट ने मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला कर विमान को क्रैश करने का प्रयास किया, जिससे विमान अचानक करीब 14,000 फीट नीचे गोता लगाने लगा। भीषण अफरा-तफरी और हाईजैक की आशंका के बीच, सिर और शरीर पर गंभीर चोटों के बावजूद 39 वर्षीय कैप्टन स्मित ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोला और क्रू को मदद के लिए आवाज लगाई। इसके बाद यात्रियों और केबिन क्रू की तत्परता से हमलावर को काबू में किया गया और विमान को तुरंत सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारकर सभी 174 यात्रियों की जान बचा ली गई।
मौत के मुंह से 174 जिंदगियों को खींच लाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार का बचपन मुंबई के घाटकोपर ईस्ट में बीता। एक कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखने वाले स्मित ने शुरुआत में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग में दाखिला लिया था और उनका इरादा पारिवारिक कारोबार संभालने का था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। विमानन क्षेत्र में कदम रखने के बाद उन्होंने मुंबई में 2011 से करीब 11 वर्षों तक स्पाइसजेट के साथ उड़ान भरी। नवंबर 2020 में वे ‘लाइन ट्रेनिंग कैप्टन’ के पद तक पहुंचे, जहां वे नए पायलटों को प्रशिक्षित करने और उनके मूल्यांकन का अहम दायित्व संभालते थे।
जून 2022 में स्मित फ्लाईदुबई एयरलाइंस से जुड़े और सपरिवार दुबई शिफ्ट हो गए। पेशे के प्रति उनकी निष्ठा और अनुशासन का अंदाजा 2025 के उनके एक पॉडकास्ट से लगाया जा सकता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जब वे पायलट की वर्दी पहनते हैं, तो उनके लिए सिर्फ और सिर्फ उनका कर्तव्य मायने रखता है।
कैप्टन स्मित का परिवार मूल रूप से गुजरात के अमरेली जिले के सावरकुंडला से जुड़ा है, हालांकि उनके पिता उपेंद्र मच्छार और मां गीता मच्छार उनके जन्म से पहले ही मुंबई आ बसे थे। वर्तमान में उनका परिवार मुंबई के तिलक नगर स्थित स्वस्ति हाइट्स में रहता है, जबकि उनके ससुर जयसुख जोगी भी घाटकोपर के ही निवासी हैं। स्मित अपनी पत्नी सोनल, 5 वर्षीय बेटी जीवा और 2 वर्षीय बेटे क्रिष के साथ दुबई में रहते हैं। आसमान में अदम्य साहस की मिसाल पेश करने वाले इस भारतीय जांबाज की जांबाजी की चर्चा अब वैश्विक स्तर पर हो रही है।
