सीतापुर/अनिल उपाध्याय। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में रहने वाले पहाड़ी कोरवा जनजाति को मुख्यधारा में शामिल करने प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत बनाया गया घर पूरा होने से पहले जर्जर हो गया है।निर्माण के दौरान बरती गई तकनीकी लापरवाही एवं निगरानी का अभाव की वजह से मकान के छत का हिस्सा नीचे की ओर दब गया है।जिसे देखने के बाद लगता है कि ये छत कभी भी जानलेवा हादसे का कारण बन सकती है और इसकी चपेट में आने वाले कि जान भी जा सकती है।पहाड़ी कोरवा जनजाति को पक्का मकान उपलब्ध कराने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना आकार लेने से पहले ही सवालों के घेरे में आ गई।जिन अधिकारियों के कंधे पर इस योजना को सफल बनाने की जिम्मेदारी थी उन्होंने ही इसका बंटाधार कर दिया।जिसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्रों में यह योजना अधर में लटक गई।
विदित हो कि दुर्गम पहाड़ी एवं पहुँचविहीन क्षेत्रों में रहने वाले पहाड़ी कोरवा जनजाति को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए केंद्र सरकार प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना संचालित कर रही है।इस योजना के तहत ग्राम पंचायत सुर के पहुँचविहीन क्षेत्र महुआबथान में रहने वाले पहाड़ी कोरवा परिवार को केंद्र सरकार की आवास योजना का लाभ देकर मैदानी क्षेत्र में बसाया जा रहा है।इस दौरान दो सगे भाई कवल साय,मंगलू कोरवा आ परसु कोरवा एवं शनियारो कोरवा पति बुधराम कोरवा का भी चयन किया गया था।जिसके बाद इन्हें भी इस योजना के तहत सहयोग राशि प्रदान की गई थी।ताकि ये भी आवास योजना के तहत मिले सहयोग राशि से अपने लिए पक्का मकान बनाकर रह सके।लेकिन ऐसा नही हो सका इनका पक्का मकान पूरा होने से पहले ही जर्जर हो गया।निर्माण के दौरान निगरानी का अभाव एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा जानबूझकर बनाई गई दूरी से मकान की गुणवत्ता प्रभावित हो गई।
मकान का छत तकनीकी त्रुटियों के कारण ढलाई के बाद नीचे की ओर लटक गया।छत की हालत देख ऐसा लगता है कि ये घर किसी दिन घरवालों के लिए जानलेवा साबित न हो जाये।समय रहते अगर नीचे की ओर लटकी हुई छत की मरम्मत नही कराई गई तो ये पहाड़ी कोरवा परिवार के लिए अभिशाप बन जायेगा।इस संबंध में ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारियों ने अपनी जिम्मेदारी समझी होती तो छत की ये हालत नही होती।मैदानी क्षेत्रों का दौरा करने के बजाए अधिकारी कार्यालय तक सीमित होकर रह गए हैं।जिसकी वजह से केंद्र सरकार की इस अतिमहत्वाकांक्षी योजना के उद्देश्य पर पानी फिर गया।ग्रामीणों ने आवास योजना में बरती गई लापरवाही एवं अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े करते हुए जांच की मांग की है।ताकि भविष्य में इस योजना का सफल क्रियान्वयन हो सके और जरूरतमंद लोगों को इसका लाभ मिल सके।
इस संबंध में सीईओ जनपद पंचायत जयगोविंद गुप्ता ने जांच की बात कही है।
