अम्बिकापुर। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. दिनेश कुमार झा के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आज शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अम्बिकापुर के सभागार में जिला स्तरीय “हिन्दी उत्सव-2026” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसमें जिलेभर से आए शिक्षा अधिकारी, शिक्षक, मार्गदर्शक और प्रतिभागी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस साहित्यिक आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के भीतर हिंदी भाषा और साहित्य के प्रति गहरी रुचि जगाना तथा उनकी रचनात्मक क्षमताओं को एक नया मंच प्रदान करना था।
इस जिला स्तरीय गरिमामयी कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के प्रतिष्ठित अधिकारी सहायक संचालक रविशंकर तिवारी एवं सहायक संचालक पूनम पांडेय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि रविशंकर तिवारी ने अपने वक्तव्य में कहा कि हिन्दी हमारी सांस्कृतिक चेतना, सभ्यता और संवेदना की सशक्त वाहक है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी मौलिक प्रतिभा और सृजनात्मकता को प्रदर्शित करने का बेहतरीन अवसर मिलता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपनी मातृभाषा को अपनाएं और निरंतर पठन-पाठन से अपनी अभिव्यक्ति को मजबूत करें।
समारोह की मुख्य अतिथि पूनम पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि साहित्य विद्यार्थियों को जीवन और समाज को गहराई से समझने की दृष्टि प्रदान करता है। आज के इस उत्सव में बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई रचनाएं यह दर्शाती हैं कि हमारी युवा पीढ़ी अपनी मातृभाषा के प्रति पूरी तरह समर्पित है और उनमें स्वतंत्र रूप से सोचने और रचने की अद्भुत क्षमता मौजूद है। अतिथियों के इन प्रेरणादायी वचनों ने सभागार में उपस्थित सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों का मनोबल और अधिक बढ़ा दिया।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्र के दौरान अक्षय रंजन वर्मा ने उपस्थित शिक्षकों और प्रतिभागियों को प्रतियोगिता के नियमों, विस्तृत रूपरेखा तथा कार्यक्रम के मूल उद्देश्यों से विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में रटने की प्रवृत्ति के बजाय मौलिक रचनाधर्मिता, स्वतंत्र चिंतन और वैचारिक स्पष्टता को बढ़ावा देना है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एक बाल लेखक अपनी रचना के माध्यम से समाज को सकारात्मक दिशा दे सकता है।
इस जिला स्तरीय उत्सव के अंतर्गत दो प्रमुख विधाओं कनिष्ठ वर्ग (कक्षा 6वीं से 8वीं) एवं वरिष्ठ वर्ग (कक्षा 9वीं से 12वीं) के विद्यार्थियों के लिए कविता पाठ और लघुकथा पाठ की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। सरगुजा जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए उत्साह से लबरेज दोनों वर्गों को मिलाकर कुल 68 विद्यार्थियों ने इन प्रतियोगिताओं में अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने समसामयिक विषयों, प्रकृति प्रेम, ग्राम्य जीवन, सामाजिक सरोकारों और मानवीय मूल्यों पर आधारित अपनी मौलिक रचनाओं की सुंदर प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
प्रतियोगिताओं को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायसंगत बनाए रखने के लिए वरिष्ठ व्याख्याताओं का एक विशेष निर्णायक मंडल गठित किया गया था। इस निर्णायक मंडल में रामलखन यादव (व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, रामपुर), रामपति अग्रवाल (व्याख्याता, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अंबिकापुर), अनिता मंदिलवार (व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, असोला), विजय कुमार सिंह (व्याख्याता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तुरना), सुरेखा शर्मा (व्याख्याता, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अंबिकापुर) और आशा पांडेय (सहायक शिक्षक, शासकीय प्राथमिक शाला मांझापारा अंधला, विकासखंड लखनपुर) ने अपनी सेवाएं दीं। निर्णायक मंडल के सदस्यों ने प्रत्येक प्रतिभागी के उच्चारण, स्वर के उतार-चढ़ाव, मंचीय अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को बहुत बारीकी से परखा।
इतने बड़े पैमाने पर आयोजित इस जिला स्तरीय कार्यक्रम के सफल, अनुशासित एवं सुव्यवस्थित संचालन में लीना थॉमस (प्राचार्य, सेजेस सोहगा), सुनीता दास, सुरेखा शर्मा, अनीता विश्वकर्मा, अक्षय रंजन वर्मा तथा अभियान तिवारी का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में यह महत्वपूर्ण घोषणा की गई कि प्रतियोगिताओं में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को आगामी 3 अक्टूबर को ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अवसर पर मुख्य रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। जिला स्तरीय “हिन्दी उत्सव-2026” के इस सफल आयोजन ने सरगुजा जिले के छात्र-छात्राओं के बीच साहित्यिक सृजन और पठन-पाठन के प्रति एक नए उत्साह और ऊर्जा का संचार कर दिया है।
