सीतापुर/अनिल उपाध्याय। उप डाकघर में पदस्थ सहायक पोस्टमास्टर द्वारा अमानत में खयानत करने का संगीन मामला प्रकाश में आया है।सहायक पोस्टमास्टर ने महिला खाताधारक का फर्जी हस्ताक्षर करते हुए उसके खाते में जमा लाखों रुपये गबन कर लिया।महिला ने जब अपने पासबुक का अपडेट कराया तब जाकर इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।इस फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद पीड़ित महिला ने सहायक पोस्टमास्टर के विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दिया।महिला की रिपोर्ट पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने गबन के आरोपी सहायक पोस्टमास्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार पुराना बसस्टैंड निवासी होटल संचालक महेश सिंह की पत्नी ममता सिंह ने उप डाकघर में आरडी एकाउंड खुलवा रखी थी।जिसमे वो प्रतिदिन डाकघर के एजेंट के माध्यम से पैसा जमा करती थी।समयावधि पूरा होने के बाद उन्होंने जमा राशि 14 लाख को उप डाकघर के सेविंग एकाउंट में जमा करा दिया था।ताकि जरूरत पड़ने पर उसे एकमुश्त निकालकर अपनी जरूरतें पूरी कर सके।लेकिन उप डाकघर में पदस्थ सहायक पोस्टमास्टर सूरजदास महंत आ स्व यदुनाथ महंत ने उनके सारे अरमानों पर पानी फेर दिया।सहायक डाकघर ने ममता सिंह का फर्जी हस्ताक्षर करते हुए उनके बचत खाते से 17 मार्च 2026 को 5 लाख 15 अप्रेल को 4 लाख एवं 30 अप्रेल को 5 लाख रुपये आहरित कर लिया।इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब ममता सिंह ने अपना पोस्ट ऑफिस वाला अपना खाता अपडेट कराया।सहायक पोस्टमास्टर ने महिला खाताधारक के साथ अमानत में खयानत करते हुए उप डाकघर की विश्वसनीयता पर दाग लगा दिया।उप डाकघर में अपने साथ हुई इस घटना के बाद ममता सिंह ने प्रधान डाकघर अंबिकापुर को डाक के माध्यम से लिखित शिकायत दर्ज कराई।
इसके बाद भी गबन करने वाले सहायक पोस्टमास्टर के विरुद्ध न तो कोई कार्यवाही की गई और न ही पीड़ित महिला के पैसे लौटाए गये।प्रधान डाकघर की तरफ से कोई सहयोग नही मिलता देख परेशान होकर पीड़ित महिला ने सहायक पोस्टमास्टर के विरुद्ध थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी।महिला की रिपोर्ट पर पुलिस ने गबनकर्ता सहायक पोस्टमास्टर के विरुद्ध धारा 318(4)316(5)336(3)338,340(2) के तहत अपराध दर्ज करने के बाद उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।इस कार्यवाही में थाना प्रभारी प्रदीप जायसवाल प्रशिक्षु उपनिरीक्षक अनिल यादव समेत पुलिस के जवान शामिल थे।
