अम्बिकापुर। ऑनलाइन क्रिप्टो वॉलेट के जरिए रकम को साल भर में दस गुना करने का सपना दिखाकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के एक और फरार सदस्य को मणीपुर थाना पुलिस ने धर दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी त्रिपाल टोप्पो उर्फ गुलाब (53 वर्ष), निवासी इन्दरपुर (दरिमा), अपने ही गांव के लोगों को इस फर्जी नेटवर्क में फंसाने का काम कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन और एक नोटबुक जब्त कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस पूरे फर्जीवाड़े के तार छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों के साथ-साथ देश के कई राज्यों से भी जुड़े होने की बात सामने आई है।
ठगी का यह मामला तब खुला जब इन्दरपुर निवासी विद्याचरण राव ने मणीपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पीड़ित के अनुसार, गांव के त्रिपाल टोप्पो ने उसे ‘Bitget Wallet’ (LGNS) नामक क्रिप्टो ऐप के बारे में बताया और भारी मुनाफा कमाने का झांसा देकर उदयपुर निवासी राजकुमार पैकरा से मिलवाया। इसके बाद 19 जुलाई को विद्याचरण को शहर के होटल ‘फील आनंदम’ में आयोजित एक सेमिनार में ले जाया गया। वहां कान्ता प्रसाद राजवाड़े नाम का युवक लैपटॉप और प्रोजेक्टर के जरिए 10-12 लोगों को ट्रेनिंग दे रहा था। सेमिनार में दावा किया गया कि ऐप में 12 लेवल पूरे करते ही जीवन भर बिना कुछ किए मुफ्त में पैसा आता रहेगा। इस लुभावने वादे पर भरोसा कर पीड़ित ने राजकुमार पैकरा को 10 हजार रुपये नकद दे दिए, जिसे एक साल में एक लाख रुपये करने का भरोसा दिलाया गया था। बाद में ठगी का अहसास होने पर पीड़ित ने पुलिस की शरण ली, जिसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने पूर्व में ही गिरोह के 5 प्रमुख सदस्यों कान्ता प्रसाद राजवाड़े, राजकुमार पैकरा, जीवन साय टोप्पो, फिरोज लकड़ा और मुकेश कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, जबकि त्रिपाल टोप्पो घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस की लगातार घेराबंदी के बाद आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों को 100 से लेकर 5 लाख से अधिक कॉइन खरीदने और भारी ब्याज का झांसा देकर इस जाल में फंसाता था। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है।
इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के खुलासे के बाद सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि अत्यधिक मुनाफे के लालच या किसी अनजान व्यक्ति के बहकावे में आकर गैर-प्रमाणित ऐप्स या फर्जी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर निवेश बिल्कुल न करें। त्वरित और भारी रिटर्न का दावा करने वाली ऐसी योजनाएं साइबर और वित्तीय ठगी का बड़ा जरिया होती हैं। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी उप निरीक्षक सी. पी. तिवारी सहित सहायक उप निरीक्षक अनिल पाण्डेय, राकेश मिश्रा और पुलिस बल के जवानों की प्रमुख भूमिका रही।
