अम्बिकापुर। सरगुजा पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और अवैध रूप से अत्यधिक ब्याज वसूलने के मामले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपित पंकज चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित पर पीड़ित को मोटी ब्याज दर पर रकम देने, और पैसे वापस न मिलने पर जान से मारने की धमकी देकर प्रताड़ित करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपित के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है। जिले में आपराधिक गतिविधियों और अवैध सूदखोरी में संलिप्त तत्वों के खिलाफ पुलिस द्वारा लगातार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
यह पूरा मामला शहर के संदीप अग्रवाल की आत्महत्या से जुड़ा है। कोतवाली पुलिस ने धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के सुसाइड नोट, परिजनों व गवाहों के विस्तृत बयानों, घटनास्थल के निरीक्षण और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का गहन अध्ययन किया। इसके साथ ही संदीप अग्रवाल के मोबाइल नंबर की तकनीकी जानकारी और बैंक खातों के ट्रांजैक्शन स्टेटमेंट भी खंगाले गए।
जांच में सामने आया कि दर्रीपारा निवासी पंकज चौधरी और मृतक के बीच लगातार फोन पर बातचीत और पैसों का लेन-देन हो रहा था। पंकज चौधरी मृतक को भारी ब्याज दर पर पैसे देता था और मूल व ब्याज की रकम न मिलने पर उसे जान से मारने की धमकी देता था। इस लगातार प्रताड़ना से तंग आकर संदीप ने आत्मघाती कदम उठा लिया। मरने से पहले संदीप ने यह दर्दनाक दास्तां अपने सुसाइड नोट में भी लिखी थी और जीवित रहते हुए अपने पिता व पत्नी को भी इस प्रताड़ना के बारे में बताया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) ने नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) अम्बिकापुर के नेतृत्व में कोतवाली पुलिस को आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अधिकारियों के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस टीम ने संदिग्ध पंकज चौधरी (50 वर्ष), निवासी राजेंद्र वार्ड, दर्रीपारा, मणिपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिसिया पूछताछ में आरोपित लगातार गोलमोल जवाब देता रहा और मेमोरेंडम कथन देने से इनकार कर दिया, लेकिन उसने घटना में प्रयुक्त मोबाइल पुलिस को सौंप दिया, जिसे जब्त कर लिया गया है।
पर्याप्त सबूत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपित के खिलाफ कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 487/26, धारा 108, 351(3) बी.एन.एस. और 4 कर्जा एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है, जिसे गुरुवार को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है। इस पूरी त्वरित कार्रवाई में अम्बिकापुर सीएसपी राहुल बंसल (भा.पु.से.) के नेतृत्व में उप निरीक्षक के.के. यादव, प्रधान आरक्षक छत्रपाल सिंह, आरक्षक मंटुलाल गुप्ता और शिव राजवाड़े की सराहनीय भूमिका रही।
