जांजगीर-चांपा। सिंचाई विभाग कर्मचारी की लापरवाही के चलते हसदेव नहर में बड़ा हादसा होते-होते टल गया। नहर में पानी छोड़ने के दौरान कर्मचारियों द्वारा एक साथ सभी गेट खोल दिए जाने से पानी का बहाव अचानक तेज हो गया और नहर ओवरफ्लो होकर बाहर बहने लगी। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पानी सड़क की ओर पहुंचने लगा, जिससे आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नहर में पानी छोड़ने की जिम्मेदारी तीन पुलिया के पास तैनात कर्मचारियों की थी। आरोप है कि कर्मचारियों ने बिना स्थिति का आकलन किए सभी गेट खोल दिए, जिसके कारण नहर में पानी का दबाव बढ़ गया और पानी नहर की सीमा से बाहर निकलने लगा। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी।
सूचना मिलते ही विभाग के अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और गेट बंद कर पानी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसके साथ ही नहर के किनारे पानी रोकने के लिए भरी हुई बोरियां लगाई गईं। हालांकि तब तक काफी मात्रा में पानी बाहर निकल चुका था।
बताया जा रहा है कि इन दिनों हसदेव नहर में 8 से 10 फीट तक पानी भरा हुआ है और तेज बहाव के साथ सिंचाई के लिए पानी छोड़ा जा रहा है। ऐसे में थोड़ी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।
स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते गेट बंद नहीं किए जाते, तो पानी सड़क पर फैलने से कोई बड़ा हादसा हो सकता था। सिंचाई विभाग की इस लापरवाही ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
