इंदौर। मध्य प्रदेश के विमानन क्षेत्र में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की राजधानी आबू धाबी के लिए पहली सीधी अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा का भव्य शुभारंभ करेंगे। यह ऐतिहासिक उड़ान ‘मप्र नागरिक विमानन नीति-2025’ के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाली राज्य की पहली अंतरराष्ट्रीय सेवा है, जो न केवल दो देशों के प्रमुख शहरों को जोड़ेगी, बल्कि मध्य प्रदेश के विकास को भी एक नई रफ़्तार देगी।
टाटा समूह की प्रतिष्ठित विमानन इकाई ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ द्वारा संचालित की जाने वाली यह हवाई सेवा सप्ताह में चार दिन सोमवार, बुधवार, शुक्रवार और रविवार को यात्रियों के लिए उपलब्ध रहेगी। जनसम्पर्क अधिकारी जूही श्रीवास्तव से मिली जानकारी के अनुसार, इस सीधी उड़ान के शुरू होने से मालवा-निमाड़ क्षेत्र सहित पूरे प्रदेश की एक बड़ी आबादी को सीधा और अभूतपूर्व लाभ मिलने वाला है।
अब तक इंदौर और आसपास के यात्रियों को आबू धाबी या खाड़ी देशों की यात्रा करने के लिए दिल्ली या मुंबई होकर जाना पड़ता था। इस कनेक्टिंग रूट के कारण यात्रियों को करीब 7 से 8 घंटे का लंबा और थकाऊ समय बिताना पड़ता था। लेकिन अब इस नई सीधी उड़ान की बदौलत यह सफर बेहद आसान हो जाएगा और यात्री महज 3 घंटे 15 मिनट में अपनी मंजिल पर पहुंच सकेंगे। समय की इस भारी बचत से न केवल आम यात्रियों को सहूलियत होगी, बल्कि क्षेत्र में व्यापार, वैश्विक निवेश, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।
राज्य सरकार अपनी दूरदर्शी ‘नागरिक विमानन नीति-2025’ के जरिए मध्य प्रदेश में हवाई संपर्कों का जाल बिछाने के लिए लगातार काम कर रही है। सरकार के इन प्रयासों का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस नीति के तहत अब तक 8 नए हवाई मार्गों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से चार मार्गों पर विमान सेवाएं सफलतापूर्वक शुरू भी हो चुकी हैं और बाकी बचे रूटों पर भी बहुत जल्द उड़ानें शुरू होने वाली हैं। इंदौर-आबू धाबी के बीच इस सेवा का प्रारंभ होना भविष्य में कई अन्य नए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू हवाई मार्गों के खुलने का रास्ता साफ करेगा।
मध्य प्रदेश के विमानन इकोसिस्टम को बेहद मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के मकसद से इस नीति में कई क्रांतिकारी प्रावधान किए गए हैं। नए घरेलू हवाई मार्गों को विकसित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 10 लाख रुपये तक और अंतरराष्ट्रीय मार्गों के लिए 15 लाख रुपये तक की वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) यानी वित्तीय सहायता दी जा रही है। यही नहीं, राज्य के हवाई अड्डों को विमानों के लिए पसंदीदा हब बनाने के उद्देश्य से, यहां रात्रि पार्किंग करने वाले विमानों के लिए एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) पर लगने वाले वैट (VAT) की प्रभावी दर को घटाकर महज एक प्रतिशत तय किया गया है।
विमानन क्षेत्र में रोजगार और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए नीति के तहत मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (MRO) परियोजनाओं और एयर कार्गो परियोजनाओं के लिए 40 प्रतिशत तक की भारी पूंजीगत सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही युवाओं के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देते हुए, सिमुलेटर स्थापित करने वाले उड़ान प्रशिक्षण संगठनों (FTO) को 40 प्रतिशत तक की पूंजीगत सब्सिडी और गैर-सिम्युलेटर प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए फीस का 60 प्रतिशत (अधिकतम एक लाख रुपये तक) की वित्तीय मदद देने का अनूठा प्रावधान किया गया है, जो प्रदेश को विमानन क्षेत्र का एक बड़ा केंद्र बनाने में मददगार साबित होगा।
