नई दिल्ली। भारत सरकार ने कतर के पूर्व अमीर और ‘फादर अमीर’ शेख हमद बिन खलीफा अल-थानी के निधन पर गहरा सम्मान प्रकट करते हुए सोमवार, 13 जुलाई को एक दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस संबंध में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है, जिसके बाद विदेश मंत्रालय द्वारा आधिकारिक तौर पर देशव्यापी शोक का ऐलान किया गया। इस ऐतिहासिक निर्णय के तहत सोमवार को पूरे भारत में उन सभी सरकारी व प्रमुख इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) आधा झुका रहेगा, जहाँ इसे नियमित रूप से फहराया जाता है।
साथ ही, इस दौरान देश में किसी भी प्रकार के आधिकारिक मनोरंजन या सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं किया जाएगा। 74 वर्ष की आयु में अंतिम सांस लेने वाले शेख हमद के सम्मान में स्वयं कतर सरकार ने भी रविवार से चार दिवसीय सार्वजनिक शोक की घोषणा की है। भारत सरकार की ओर से इस दुखद घड़ी में संवेदनाएं प्रकट करने और कतर के शाही परिवार के प्रति एकजुटता दिखाने के लिए संसदीय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू जल्द ही कतर का दौरा करेंगे।
यह राजकीय सम्मान शेख हमद के उस दूरदर्शी नेतृत्व को भारत की ओर से एक श्रद्धांजलि है, जिसके तहत उन्होंने 1995 से 2013 तक कतर पर शासन किया। उनके 18 वर्षों के स्वर्णिम कार्यकाल में इस ऊर्जा-समृद्ध खाड़ी देश ने न केवल अभूतपूर्व आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक प्रगति देखी, बल्कि वैश्विक पटल पर भी अपनी एक मजबूत और स्वतंत्र पहचान बनाई। वर्ष 2013 में उन्होंने स्वेच्छा से सत्ता अपने बेटे शेख तमीम बिन हमद अल थानी को सौंप दी थी, जो वर्तमान में कतर के अमीर हैं।
भारत के दृष्टिकोण से शेख हमद का दौर बेहद महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि उन्हीं के कार्यकाल में भारत और कतर के द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई और रणनीतिक दिशा मिली थी। उनके इसी सहयोगात्मक दृष्टिकोण के कारण कतर में भारतीय प्रवासियों की संख्या और उनके प्रभाव में भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसने दोनों देशों के रिश्तों को जन-साधारण के स्तर पर मजबूत किया।
