धमतरी। आर्थिक तंगी अब किसी होनहार के सपनों की उड़ान को नहीं रोक सकेगी। ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए धमतरी जिले के मगरलोड ब्लॉक अंतर्गत शासकीय माध्यमिक शाला हरदी के शिक्षक भूषण लाल जगनायक ने एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। उन्होंने ग्रामीण अंचल के आर्थिक रूप से कमजोर और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़े रखने के लिए अपने निजी वेतन से तीन वर्षों तक स्कॉलरशिप (छात्रवृत्ति) देने की एक नई परंपरा की शुरुआत की है। शिक्षक की इस संवेदनशीलता और अनूठी पहल की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है।
अक्सर देखा जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चे कड़े संघर्षों के बीच बारहवीं की परीक्षा तो उत्तीर्ण कर लेते हैं, लेकिन कॉलेज की फीस और उच्च शिक्षा का खर्च उठाने में उनके परिवार असमर्थ साबित होते हैं। नतीजतन, ये होनहार विद्यार्थी पढ़ाई बीच में ही छोड़कर जीवनयापन के लिए मजदूरी या छोटे-मोटे कामों में लग जाते हैं। इसी विवशता को दूर करने के लिए शिक्षक जगनायक ने जरूरतमंद छात्रों को आगामी तीन वर्षों तक उच्च शिक्षा या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रतिवर्ष 4,000 रुपये की छात्रवृत्ति देने का संकल्प लिया है, ताकि वे एक उत्कृष्ट जीवन की शुरुआत कर सकें। इसके साथ ही उन्होंने समाज के प्रबुद्ध नागरिकों, शिक्षा समिति के पदाधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों से भी इस मुहिम का हिस्सा बनने की भावुक अपील की है। उनका मानना है कि शिक्षक ही समाज में बदलाव की मजबूत नींव रख सकते हैं और हमारा एक छोटा सा प्रयास किसी के बड़े सपने को सच कर सकता है।
इस छात्रवृत्ति प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनाने के लिए स्थानीय सरपंच, सचिव और कोटवार को सत्यापन अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है, क्योंकि ये लोग स्थानीय स्तर पर हर परिवार की वास्तविक स्थिति से भली-भांति वाकिफ होते हैं। छात्रवृत्ति के लिए वे विद्यार्थी पात्र होंगे जो आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर हैं, जिनके माता-पिता का साया सिर से उठ चुका है, जो दिव्यांग हैं, या फिर किसी अन्य गांव के निवासी होने के बावजूद इस गांव में किसी आश्रयदाता के पास रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होते ही छात्रवृत्ति की कुल 4,000 रुपये की राशि दो किस्तों में सीधे विद्यार्थियों को मिलेगी; पहली किस्त के रूप में जुलाई में कॉलेज प्रवेश के समय 2,000 रुपये और दूसरी किस्त के रूप में अक्टूबर में परीक्षा के समय 2,000 रुपये प्रदान किए जाएंगे।
इस मुहिम का औपचारिक शंखनाद माध्यमिक शाला हरदी के प्रांगण में आयोजित एक विशेष सभा के दौरान हुआ। इस गरिमामय आयोजन में संकुल प्राचार्य वाई. के. साहू के हाथों माध्यमिक शाला समिति के अध्यक्ष बलराम को छात्रवृत्ति मद की शुरुआती नकद राशि 10,000 रुपये सौंपी गई। इस मौके पर संकुल प्राचार्य ने शिक्षक जगनायक के इस प्रयास को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अपने वेतन से बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए सहयोग करना समाज को एक नई दिशा दिखाने जैसा है। इस प्रेरक अवसर पर बेलौदी स्कूल के व्याख्याता टी. आर. साहू सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और शिक्षक संघ से रेमन धृतलहरे, अशोक साहू, डायमंड ध्रुव, कामता प्रसाद, केसर साहू, सविता साहू के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि लोकेश कुमार, शेखन साहू, हिना राव, त्रिवेणी साहू, राजेंद्र निषाद, नीलकमल निषाद, पुसऊ राम, दिव्या सेन, बसंती साहू और ग्रामीण जन बड़ी संख्या में उपस्थित होकर इस मानवीय पहल के साक्षी बने।
