धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले अंतर्गत कुरुद ब्लॉक की ग्राम पंचायत कोर्रा में एक निर्वाचित महिला सरपंच को बिना किसी वित्तीय अनियमितता के पद से बर्खास्त किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 में कोर्रा पंचायत की पहली अनुसूचित जाति (SC) महिला सरपंच चुनी गईं यमुना कामड़े ने इसे प्रशासनिक तानाशाही और मानसिक प्रताड़ना का शिकार बताते हुए जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है। हालांकि, इस एकतरफा कार्रवाई के खिलाफ सरपंच ने उच्च न्यायालय (हाई कोर्ट) का दरवाजा खटखटाया था, जहां से उन्हें राहत मिलते हुए एसडीएम के बर्खास्तगी आदेश पर स्थगन (स्टे) मिल गया है।
इस पूरे विवाद की शुरुआत कार्यभार ग्रहण करने के बाद हुई, जब महिला सरपंच को पूर्व कार्यकाल के लगभग 33 लाख रुपये के कर्ज की जानकारी दी गई। नियमों के तहत जब यमुना कामड़े ने इस राशि से संबंधित बिल-वाउचर, तकनीकी स्वीकृति और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की मांग की, तो उन्हें कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बावजूद उन पर लगातार इस संदिग्ध राशि के भुगतान का दबाव बनाया जा रहा था। भुगतान से इनकार करने पर, जनपद पंचायत स्तर से बिना किसी पुख्ता दस्तावेजी प्रमाण के धारा 40 के तहत कार्रवाई की अनुशंसा कर दी गई और 5 जनवरी 2026 को एसडीएम कुरुद ने बिना किसी उचित जांच या निष्पक्ष सुनवाई के उन्हें पद से बर्खास्त कर दिया।
यमुना कामड़े का आरोप है कि उन्होंने खुद पंचायत के विभिन्न खातों और टैक्स मदों में गंभीर वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत पाकर प्रशासन से कई बार लिखित शिकायत की थी, लेकिन दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय खुद उन्हें ही रास्ते से हटाने की साजिश रची गई। इतना ही नहीं, नियमों को ताक पर रखकर अनुसूचित जाति वर्ग के किसी पंच को प्रभारी सरपंच बनाने के बजाय अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उपसरपंच को यह जिम्मेदारी सौंप दी गई, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
इस प्रशासनिक फेरबदल और एकतरफा कार्रवाई को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भी भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब सरपंच पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप ही नहीं है, तो धारा 40 के तहत इतनी बड़ी कार्रवाई किस आधार पर की गई? ग्रामीणों और पीड़ित सरपंच ने अब जिला प्रशासन और राज्य शासन से पूरे मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों व पूर्व जनप्रतिनिधियों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा निर्वाचित सरपंच को ससम्मान कार्य करने देने की मांग की है।
