बलरामपुर..(कृष्णमोहन कुमार)…कल का दिन जिले के उन अधिकारियों के लिये बेहद खास रहा..जिन्हें अपनी पद की गरिमा का ज़रा सा भी ख्याल नहीं रहता..जिनके लिये केवल एक ही वरिष्ठ है..और उन्हीं वरिष्ठ को खुश करने में अधिकारी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते है..और ऐसा होना भी स्वाभाविक है..क्योंकि वे आज जो कुछ भी है उन्हीं की ही देन है..बहरहाल जिले के शीर्षस्थ अधिकारी के तल्ख़ तेवर ने उन अधिकारियों के होश ठिकाने लगा दीये है..इसके साथ में हिदायत भी दी है..की वे लोकसेवक है उनकी पद की गरिमा है..जिसे वे बरकरार रखें!..
दरअसल, यह पूरा मामला शाला प्रवेश उत्सव से जुड़ा है..प्रदेश में 16 जून से 27 जून तक शाला प्रवेश उत्सव मनाया जाना है..ऐसे में 16 जून को भी बलरामपुर जिले में शाला प्रवेश उत्सव मनाया जाना था..और मनाया भी गया..लेकिन इसके पीछे की कहानी कुछ और ही है..शाला प्रवेश उत्सव सहित कई कार्यक्रम 16 जून यानी मंगलवार को तय किये गये थे..तैयारियां पूरी थी..लेकिन 15 जून की रात कार्यक्रम के मुख्य अतिथि का दौरा रद्द हो गया..जिसके बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों ने कार्यक्रम को स्थगित करने का ऐलान कर दिया..विभाग के वॉट्सएप ग्रुपों में सूचनाएं डाल दी गई..और जो कुछ भी किया गया उससे विभाग के अधिकारी यह दर्शाना चाह रहे थे की उनके इस कृत्य से माननीय खुश हो जायें..तैयारियों पर विराम लग गया!.
दूसरे दिन तारीख बदली रोजाना की तरह संबंधित अधिकारी ऑफिस पहुंचे..लेकिन एक फोन कॉल ने संबंधित अधिकारियों की मनमानी को धराशाही कर दिया..शीर्षस्थ अधिकारी ने शाला प्रवेश उत्सव को लेकर अपडेट मांगी..तब उन्हें बताया गया की कार्यक्रम तो रद्द है..फिर शीर्षस्थ अधिकारी के दिशा निर्देश ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की परेड करा दी..और चंद घंटों में शाला प्रवेश उत्सव का कार्यक्रम निर्धारित स्थान में उमस भरी गर्मी में अव्यवस्थाओं के बीच आयोजित किया गया!..
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार ऐसा आयोजन जिले में पहली बार हुआ..और यह केवल इसलिए संभव हो सका की जिले में खटराल अधिकारी अपनी नौकरी बचाने माननीयों के आशीर्वाद से पदस्थ है..जिसका खामियाजा उन स्कूली बच्चों भुगतना पड़ा जिन्हें आनन – फानन में जबरदस्ती स्कूल से कार्यक्रम की शोभा बढ़ाने लाकर बिठा दिया गया!.
बहरहाल, ऐसे में जिले के संबंधित विभाग में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों की कुंडली जिले के शीर्षस्थ अधिकारी को निकालनी होगी..ताकि ऐसी हास्यास्पद स्थिति की पुनरावृत्ति ना हो सकें..सूत्र बताते है की इस विभाग में कई ऐसे चेहरे है..जो अपने मूल पदीय कर्तव्यों से कामचूरा कर बगैर शासन के प्रतिनियुक्ति के संलग्नीकरण का ढांचा तैयार कर नौकरी काट रहे है!.
