नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की सियासत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक मोड़ साबित होने वाला है, जहाँ नई सरकार के गठन की औपचारिक प्रक्रिया आज दोपहर 2 बजे कोलकाता में शुरू होगी। बीजेपी विधायक दल की इस निर्णायक बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बतौर पर्यवेक्षक और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी सह-पर्यवेक्षक के रूप में शिरकत करेंगे, जहाँ वे विधायकों के साथ गहन रायशुमारी कर नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे।
विधायक दल के नेता का चुनाव होते ही भाजपा के दिग्गज नेता राजभवन का रुख करेंगे और राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का आधिकारिक दावा पेश करेंगे। इस राजनीतिक गहमागहमी के बीच 9 मई को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत करीब 20 राज्यों के मुख्यमंत्री एक ही मंच पर नजर आएंगे।
सियासी हलचल का यह शोर केवल बंगाल तक सीमित नहीं है, बल्कि दक्षिण में तमिलनाडु की राजनीति भी आज एक निर्णायक मोड़ ले सकती है। सुपरस्टार जोसेफ विजय चंद्रशेखर की पार्टी TVK के नेतृत्व में सरकार गठन को लेकर जारी सस्पेंस आज खत्म होने की उम्मीद है, क्योंकि वामपंथी दल CPI और CPM आज विजय को अपना समर्थन देने का औपचारिक ऐलान कर सकते हैं।
विजय के गठबंधन को बहुमत के जादुई आंकड़े तक पहुंचने के लिए केवल 6 और विधायकों की दरकार है, जिसे पूरा करने में लेफ्ट के चार विधायक अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, गठबंधन की इस डगर में VCK की भूमिका अभी भी सस्पेंस में है; पार्टी नेता एसएस बालाजी ने स्पष्ट किया है कि वे समर्थन तभी देंगे जब उन्हें यह पुख्ता भरोसा मिलेगा कि विजय की सरकार किसी बाहरी दबाव में काम नहीं करेगी। ऐसे में सबकी निगाहें अब राजभवन और लेफ्ट पार्टियों के साझा फैसले पर टिकी हैं, जो तमिलनाडु की सत्ता का भविष्य तय करेगा।
