बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में कुदरत का रौद्र रूप देखने को मिला, जहाँ तेज आंधी के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। कोनी, मुंगेली रोड, कोटा रोड, सिम्स चौक और उसलापुर सहित शहर के कई प्रमुख इलाकों में भारी भरकम पेड़ गिरने से अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि सड़कों पर चल रहे दोपहिया वाहन चालक अनियंत्रित होकर गिर पड़े, वहीं दुकानों के साइन बोर्ड और कच्चे मकानों की छतों पर लगी एस्बेस्टस शीट कागज की तरह हवा में उड़ती नजर आईं।
इस प्राकृतिक आपदा में कई वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, हालांकि राहत की बात यह रही कि अब तक किसी जनहानि की सूचना नहीं मिली है और लोग हादसों से बाल-बाल बच गए। भारी बारिश और तूफानी हवाओं के कारण शहर के बड़े हिस्से में बिजली की लाइनें ठप हो गई हैं, जिससे कई इलाकों में ब्लैकआउट की स्थिति बनी हुई है और जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। सड़कों पर पेड़ों के गिरने से यातायात व्यवस्था चरमरा गई है, जिसे बहाल करने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। राहत और बचाव कार्य के लिए विशेष टीमों को तैनात कर दिया गया है जो मलबे को हटाने और बिजली व्यवस्था सुधारने में जुटी हैं।
प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर नागरिकों से घरों में रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है, साथ ही बिजली की लाइनों और गिरे हुए पेड़ों से दूर रहने की सख्त सलाह दी है। मौसम विभाग ने बिलासपुर जिले में आगामी समय में भी तेज बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की है, जिससे लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
