जांजगीर-चांपा. हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गुरुवार को जिले में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा. जिला मुख्यालय जांजगीर-नैला स्थित नहर किनारे विराजे नहरिया बाबा हनुमान मंदिर में आज श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ने की पूरी संभावना है. अनुमान है कि दिनभर में 50 हजार से अधिक भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचेंगे.
प्राकृतिक वातावरण के बीच स्थित यह प्राचीन मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना हुआ है. सामान्य दिनों में भी यहां भक्तों की आवाजाही बनी रहती है, लेकिन मंगलवार, शनिवार और विशेष पर्वों पर यहां मेले जैसा दृश्य नजर आता है. हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब जाता है.
इस अवसर पर मानस महायज्ञ, संत सम्मेलन, भजन-कीर्तन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा. श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रसाद वितरण, पेयजल और अन्य व्यवस्थाएं व्यापक स्तर पर की गई हैं.
मंदिर परिसर रेलवे ट्रैक से सटा होने के कारण सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं. रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस बल की तैनाती की गई है, ताकि श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू और सुरक्षित बनी रहे.
मंदिर के पुजारी मन्नूलाल शुक्ला के अनुसार, हनुमान जन्मोत्सव के दिन सुबह से देर रात तक पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा पाठ और भजन-कीर्तन का क्रम निरंतर चलता रहेगा. इस दौरान छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि ओडिशा, मध्यप्रदेश, झारखंड और महाराष्ट्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.
मंदिर के इतिहास से जुड़ी मान्यता भी इसे खास बनाती है. बताया जाता है कि वर्ष 1984 में नहर निर्माण के दौरान यहां हनुमान जी की प्रतिमा मिली थी. शुरुआत में पीपल के पेड़ के नीचे पूजा की जाती थी, लेकिन समय के साथ यह स्थल भव्य मंदिर के रूप में विकसित हो गया. नहर के किनारे स्थित होने के कारण ही इसे “नहरिया बाबा” के नाम से पहचान मिली.
नहरियाबाबा हनुमान सेवा समिति के सचिव प्रमोद कुमार तिवारी ने बताया कि आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है कि नहरिया बाबा के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है. यही विश्वास इस मंदिर को आज पूरे प्रदेश में आस्था का प्रमुख केंद्र बना चुका है, जहां हर साल हनुमान जन्मोत्सव पर भक्ति का महासागर उमड़ पड़ता है.
