बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड ने एक बार फिर न्यायिक प्रक्रिया में तेजी पकड़ ली है. मामले की सुनवाई अब निर्णायक दौर में पहुंच चुकी है, जहां छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की स्पेशल डिवीजन बेंच ने गुरुवार को अंतिम सुनवाई निर्धारित करते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को तत्काल केस से जुड़ी फाइल प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं.
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस अरविंद वर्मा की विशेष पीठ के समक्ष अहम बहस हुई. इस दौरान अमित जोगी के वकील ने दलील दी कि उन्हें केस से संबंधित जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिसके चलते जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई.
इस पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए सीबीआई को बिना देरी किए सभी संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. साथ ही बचाव पक्ष को 24 घंटे के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करने के लिए स्पष्ट रूप से कहा गया है, जिससे सुनवाई में किसी प्रकार की देरी न हो.
गौरतलब है कि यह मामला उच्चतम न्यायालय के निर्देश के बाद एक बार फिर हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए खोला गया है. इससे पहले हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने दोषियों की अपील खारिज करते हुए आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा था.
बाद में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की अपील स्वीकार करते हुए पूरे मामले को पुनः छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय भेज दिया, ताकि केस की मेरिट के आधार पर विस्तृत और निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित की जा सके. अब गुरुवार को प्रस्तावित अंतिम सुनवाई को इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में बेहद अहम और संभावित रूप से निर्णायक माना जा रहा है.
