कांकेर। बस्तर संभाग में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। पिछले दो दिनों के भीतर राजनांदगांव-कांकेर बॉर्डर डिवीजन से जुड़े कुल 6 माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण कर दिया है। इनमें 5 कैडर नक्सली संगठन के सक्रिय एसीएम रैंक के हैं, जबकि एक सदस्य पीएलजीए की मिलिट्री कंपनी-05 से जुड़ा हुआ बताया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक निखिल राखेचा के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में मंगेश पोडियमी, गणेश वीके, मंगती जुर्री, हिडमे मरकाम उर्फ सुनीता, राजे और स्वरूपा उसेंडी शामिल हैं। इन सभी ने सरकार की पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है। आत्मसमर्पण के दौरान इनके पास से कुल तीन हथियार भी बरामद किए गए हैं, जिनमें एक SLR और दो .303 राइफल शामिल हैं।
पुलिस को इन माओवादी कैडरों से इलाके में सक्रिय अन्य नक्सलियों के बारे में अहम जानकारियां भी मिली हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इन सूचनाओं के आधार पर बाकी सक्रिय कैडरों से संपर्क स्थापित कर उन्हें भी आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने में जुटी हुई हैं।
पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज सुन्दरराज पट्टलिंगम ने शेष माओवादी कैडरों से अपील करते हुए कहा है कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी लोगों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत हर संभव सहायता और सम्मानजनक जीवन प्रदान किया जाएगा।
गौरतलब है कि राज्य सरकार की प्रभावी आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति के चलते बीते 26 महीनों में 2700 से अधिक माओवादी कैडर हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जो बस्तर में बदलते हालात का बड़ा संकेत माना जा रहा है।
