जांजगीर-चांपा। चैत्र नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर चांपा स्थित मां समलेश्वरी मंदिर में आधी रात को आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच मां जगदंबा के सप्तम स्वरूप मां कालरात्रि की विधिवत विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई, जिससे पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।
मध्यरात्रि में हुए इस विशेष अनुष्ठान में विश्व कल्याण और जन-जन की सुख-समृद्धि की कामना की गई। धार्मिक परंपरा के अनुसार मां कालरात्रि को ‘श्वेत बलि’ के रूप में नींबू की माला अर्पित की गई, जिसे संकट निवारण और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा का प्रतीक माना जाता है। इस दौरान मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और जयकारों से वातावरण देर रात तक गूंजता रहा।
श्रद्धालुओं ने बड़ी श्रद्धा के साथ मां के चरणों में अपनी मनोकामनाएं अर्पित कीं और जीवन में सुख, शांति व सुरक्षा का आशीर्वाद मांगा। मान्यता है कि मां कालरात्रि अपने भक्तों के सभी भय और कष्टों का नाश कर उन्हें साहस और विजय का मार्ग प्रदान करती हैं।
नवरात्रि के इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाओं के भी पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
