बलरामपुर। जिले के रामानुजगंज स्थित रामानुनगंज के पंडित दीनदयाल उपाध्याय परिसर में आज युवा कुशवाहा संगठन शक्ति के तत्वावधान में चक्रवर्ती सम्राट अशोक महान की 2330वीं जयंती बड़े ही धूमधाम, उत्साह और गरिमामय वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं और महिलाओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही, जिससे पूरा परिसर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक उत्साह से सराबोर हो उठा।
कार्यक्रम की शुरुआत सम्राट अशोक महान और भारत माता के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद राष्ट्रगान और राज्यगीत के साथ औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अतिथियों का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सोती कुशवाहा, हरिवंश कुशवाहा, राजेश्वर मेहता, रामानुजगंज ब्लॉक शिक्षा अधिकारी विजय कुशवाहा और लेखापाल सूर्य प्रताप कुशवाहा सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

मुख्य वक्ताओं ने अपने संबोधन में सम्राट अशोक के जीवन, उनके विशाल साम्राज्य और सामाजिक मूल्यों पर प्रकाश डाला। हरिवंश कुशवाहा ने बताया कि अशोक ने अपने शासनकाल में अखंड भारत की अवधारणा को मजबूत किया और अपने आदर्शों से दूर-दूर तक प्रभाव स्थापित किया। वहीं विजय कुशवाहा ने कहा कि समाज की एकता और समरसता ही उनके वास्तविक वंशज होने का प्रमाण है, और हमें उनके आदर्शों पर चलकर समाज को मजबूत बनाना चाहिए।।

कार्यक्रम का विशेष आकर्षण 3 वर्षीय बालिका एंजल कुशवाहा रही, जिसने राष्ट्रगान, राज्यगीत और प्रार्थना की शानदार प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। उसकी प्रतिभा से प्रभावित होकर अतिथियों ने उसे शॉल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान युवा कुशवाहा संगठन शक्ति द्वारा Balrampur के 100 बिस्तर अस्पताल में मरीजों, उनके परिजनों और स्टाफ को फल वितरण भी किया गया, साथ ही सम्राट अशोक के जीवन और उनके योगदान की जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम का समापन आभार प्रदर्शन के साथ हुआ, जिसमें समाज के सभी वर्गों ने एकजुटता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का मजबूत संदेश दिया।
