धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी शहर में नवरात्रि का पर्व आस्था के साथ-साथ सेवा और स्वास्थ्य का संदेश भी दे रहा है। मठ मंदिर चौक पर “पप्पू भाई” के नाम से पहचान बना चुके सेवाभावी व्यक्ति पिछले 23 वर्षों से एक अनोखी परंपरा निभा रहे हैं। नवरात्रि के पहले दिन से लेकर रामनवमी तक वे रोजाना नीम के कोमल पत्तों का ताजा रस तैयार कर लोगों को निःशुल्क पिलाते हैं। औषधीय गुणों से भरपूर यह नीम रस लोगों के लिए किसी प्राकृतिक टॉनिक से कम नहीं माना जाता।
सुबह होते ही चौक पर लोगों की भीड़ जुटने लगती है। कोई गिलास में वहीं खड़े होकर रस पीता है, तो कई लोग अपने साथ टिफिन और बोतल लेकर आते हैं, ताकि घर के अन्य सदस्य भी इसका लाभ ले सकें। भीड़ के बीच “पप्पू भाई” की सादगी और अपनापन लोगों को खास तौर पर आकर्षित करता है। वे हर व्यक्ति को मुस्कुराते हुए रस पिलाते हैं और जरूरतमंदों के लिए पैकेट बनाकर भी देते हैं।
बताया जाता है कि इस सेवा की शुरुआत करीब 23 साल पहले एक छोटी-सी घटना से हुई थी, जो समय के साथ एक परंपरा बन गई। आज यह पहल न केवल धमतरी शहर की पहचान बन चुकी है, बल्कि लोगों के लिए प्रेरणा भी बन गई है। पप्पू भाई का मानना है कि हमारे प्राचीन ऋषि-मुनि जड़ी-बूटियों से ही उपचार करते थे और नीम को प्राकृतिक औषधि का दर्जा दिया गया है, इसलिए इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है।
राकेश लोहाना के अनुसार, लोगों की दुआएं, आशीर्वाद और प्यार ही इस सेवा की असली ताकत हैं। यही वजह है कि यह सिलसिला बिना रुके 23 वर्षों से लगातार जारी है। खास बात यह भी है कि नवरात्रि के बाद भी यदि कोई जरूरतमंद उनसे संपर्क करता है, तो वे न केवल नीम रस बनाने का तरीका बताते हैं, बल्कि आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने में भी मदद करते हैं। पप्पू भाई का कहना है कि जब तक सांस चलेगी, यह सेवा यूं ही जारी रहेगी।
