सुकमा. जिले के कोंटा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में एक छात्रा की तबीयत बिगड़ने की घटना ने व्यवस्थाओं की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया. मामले को संज्ञान में लेते हुए कलेक्टर अमित कुमार ने अधीक्षिका माहेश्वरी निषाद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई उस जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई है, जिसमें अधीक्षिका की कार्य में लापरवाही स्पष्ट रूप से सामने आई.
दरअसल, 17 मार्च को कक्षा 10वीं की एक छात्रा की तबीयत खराब होने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और तीन सदस्यीय जांच दल गठित किया गया. 20 मार्च को प्रस्तुत रिपोर्ट में विद्यालय संचालन, छात्राओं की देखरेख और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक पाई गई. जांच में यह भी सामने आया कि जिम्मेदारियों के निर्वहन में अधीक्षिका ने अपेक्षित सतर्कता नहीं बरती, जिससे छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए.
इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत माहेश्वरी निषाद को निलंबित कर दिया गया है. निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय कोंटा निर्धारित किया गया है. वहीं विद्यालय का प्रभार फिलहाल सहायक अधीक्षिका को सौंप दिया गया है, ताकि व्यवस्थाएं सुचारू रूप से चलती रहें.
