अम्बिकापुर। छत्तीसगढ़ में पर्यटन और खनन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के बयान के बाद अब प्रदेश के पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने पलटवार करते हुए सरकार का पक्ष स्पष्ट किया है। मंत्री ने कहा कि विकास एक सतत प्रक्रिया है और राज्य सरकार विरासत के संरक्षण के साथ-साथ आगे बढ़ रही है।
पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने मैनपाट को लेकर कहा कि जहां भी खनन कार्य होगा, वहां संतुलन बनाते हुए विकास कार्य किए जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि मैनपाट में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जिन्हें विकसित कर पर्यटन को नई ऊंचाई तक पहुंचाया जा सकता है।
मंत्री ने बताया कि मैनपाट में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इसे ध्यान में रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्य योजना तैयार कर ली गई है। इस योजना के तहत नाइट स्टे को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थानीय निवासियों को अपने घर में एक कमरा विकसित करने पर राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये तक की सब्सिडी देने की योजना है। मंत्री का दावा है कि इन योजनाओं से आने वाले समय में मैनपाट क्षेत्र के लोगों की आय बढ़ेगी और रोजगार के अवसर भी मजबूत होंगे।
