बलरामपुर. छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के थाना कोरंधा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हंसपुर में मारपीट के बाद एक ग्रामीण की मौत के मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया है. पुलिस ने कुसमी के एसडीएम करूण डहरिया सहित चार आरोपितों को गिरफ्तार करते हुए उनके खिलाफ हत्या से संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज किया है. पुलिस के अनुसार यह घटना अवैध बॉक्साइट उत्खनन पर कार्रवाई के दौरान हुई, जिसमें ग्रामीणों के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी.
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बलरामपुर पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक थाना कोरंधा में अपराध क्रमांक 03/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1), 115(2) एवं 3(5) में मामला दर्ज किया गया है. गिरफ्तार आरोपितों में एसडीएम कुसमी करूण डहरिया के अलावा विक्की सिंह उर्फ अजय प्रताप सिंह, मंजीत कुमार यादव एवं सुदीप यादव शामिल हैं. पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर विधिवत गिरफ्तार कर लिया है और न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है.
पुलिस के अनुसार 15 फरवरी 2026 की देर शाम सूचना मिली थी कि ग्राम हंसपुर के जंगल क्षेत्र में तीन व्यक्तियों के साथ मारपीट की गई है. घायलों को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां राम उर्फ रामनरेश (62 वर्ष), पिता रेगहा, निवासी ग्राम हंसपुर की मौत हो गई. घटना के बाद थाना कोरंधा में मर्ग क्रमांक 02/2026 कायम कर जांच शुरू की गई थी.
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मर्ग जांच के दौरान आहत व्यक्तियों के बयान, गवाहों की जानकारी और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि 15 फरवरी की शाम एसडीएम कुसमी करूण डहरिया अपने तीन सहयोगियों के साथ अवैध बॉक्साइट उत्खनन पर कार्रवाई के लिए ग्राम हंसपुर के जंगल के पास पहुंचे थे. इसी दौरान तीन ग्रामीणों पर अवैध उत्खनन का आरोप लगाते हुए उनके साथ मारपीट की गई. पुलिस के अनुसार इसी मारपीट के कारण रामनरेश गंभीर रूप से घायल हुए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई.
प्राथमिक विवेचना में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने चारों आरोपितों के विरुद्ध हत्या से संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज करते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई की. पुलिस ने स्पष्ट किया कि मामले की विवेचना जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि घटना के बाद मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने एफआईआर की मांग को लेकर शिव चौक पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया था. इसके बाद पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर जांच तेज की, जिसके परिणामस्वरूप अब एसडीएम सहित चार लोगों की गिरफ्तारी की गई है. इस कार्रवाई के बाद जिले में यह मामला चर्चा का विषय बन गया है.
