रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसमें वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 फरवरी को सदन के पटल पर राज्य सरकार का बजट पेश करेंगे. इसे लेकर सरकार और वित्त विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं.
सोमवार को मंत्रालय स्थित महानदी भवन में पत्रकारों से चर्चा करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि यह उनकी सरकार का तीसरा बजट होगा, जिसे इस बार भी एक नए और विशेष थीम के साथ प्रस्तुत किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बार का बजट ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के विजन पर केंद्रित रहेगा और प्रदेश को दीर्घकालिक विकास की दिशा में ले जाने वाला रोडमैप इसमें दिखाई देगा.
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वित्त मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष का बजट ‘ज्ञान’ थीम पर आधारित था, जिसमें गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को केंद्र में रखा गया था. वहीं इस बार भी राज्य की जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को ध्यान में रखते हुए एक नया और विशिष्ट थीम जनता के सामने रखा जाएगा.
उन्होंने कहा कि इस बजट में विशेष रूप से महिलाओं, युवाओं और किसानों को ध्यान में रखकर योजनाओं को प्राथमिकता दी जा रही है. सरकार की कोशिश है कि बजट के जरिए विकास की रफ्तार बढ़े और जनहितकारी योजनाओं को अधिक मजबूती मिले.
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वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि यह बजट 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप तैयार किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को आधार बनाकर यह बजट प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा. उन्होंने संकेत दिया कि बजट में लॉन्ग टर्म प्लानिंग और शॉर्ट टर्म रणनीति दोनों के साथ एक स्पष्ट विकास रोडमैप शामिल रहेगा.
ओपी चौधरी ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि राजीव गांधी योजना के तहत पहले चार किस्तों में राशि दी जाती थी, जबकि वर्तमान भाजपा सरकार हर साल उससे अधिक राशि दे रही है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार अपने पांच वर्षों में जितनी राशि नहीं दे पाई, उससे अधिक राशि उनकी सरकार दे रही है. उन्होंने बताया कि हर वर्ष लगभग 8000 करोड़ रुपये सीधे माता-बहनों के खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं.
