कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में पाली महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ रविवार देर रात ऐतिहासिक पाली शिव मंदिर की पावन छाया में बेहद उत्साह और उमंग के साथ हुआ. इस मौके पर महोत्सव का माहौल संगीत, संस्कृति और शिव भक्ति के रंग में पूरी तरह रंग गया. मंच पर जब बॉलीवुड के चर्चित गायक सलमान अली, खुशबू ग्रेवाल और मीत ब्रदर्स ने अपनी शानदार प्रस्तुतियां दीं, तो हजारों दर्शक झूमते नजर आए.
कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि फिल्मी संगीत के साथ-साथ शिव आराधना का अद्भुत संगम भी देखने को मिला. महाशिव भक्त हंसराज रघुवंशी की भक्तिमय प्रस्तुति ने पूरे आयोजन को श्रद्धा और आस्था के भाव से भर दिया. महोत्सव में मौजूद श्रोता देर रात तक गीतों की धुन और भक्ति की लहरों में डूबे रहे.
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बॉलीवुड सिंगर सलमान अली ने अपनी सुरीली आवाज़ से एक के बाद एक लोकप्रिय गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने “देवा श्री गणेशा”, “तेरी दीवानी”, “सांसों की माला में सिमरूं मैं पी का नाम”, “रश्के कमर” और “कजरा मोहब्बत वाला” जैसे सुपरहिट गानों से मंच पर ऐसा समां बांधा कि दर्शक खुद को रोक नहीं पाए. कई गीतों पर श्रोता तालियों और उत्साहपूर्ण जयकारों के साथ झूमते नजर आए.
वहीं, खुशबू ग्रेवाल और मीत ब्रदर्स ने भी हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध गीतों की प्रस्तुति देकर माहौल को और भी रोमांचक बना दिया. उनकी आवाज़ और मंच पर शानदार तालमेल ने दर्शकों को पूरी तरह बांधे रखा. लोग उनके साथ गुनगुनाते रहे और तालियों की गूंज से कार्यक्रम स्थल बार-बार गूंज उठा.
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कलाकारों ने मंच से कहा कि यह उनका पाली महोत्सव में पहला अनुभव है और यहां की बोली, संस्कृति व लोगों का अपनापन उन्हें बेहद पसंद आया. उन्होंने आयोजन के लिए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन कलाकारों और दर्शकों दोनों के लिए यादगार बन जाते हैं.
इसी बीच जब मंच पर हंसराज रघुवंशी की एंट्री हुई तो पूरा माहौल शिवमय हो गया. उन्होंने “ऐसा डमरू बजाय भोलेनाथ ने…”, “मेरा भोला है भंडारी” जैसे भक्ति गीतों के जरिए वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया. उनकी भावपूर्ण गायकी और श्रद्धा से भरे स्वर सुनकर लोग मंत्रमुग्ध हो गए और पूरा परिसर शिव भक्ति में डूब गया. भक्तों ने तालियों और जयकारों के साथ भजन का आनंद लिया, जिससे महोत्सव का माहौल बेहद पावन और शांतिपूर्ण बन गया.
पाली महोत्सव में राष्ट्रीय कलाकारों के साथ-साथ स्थानीय कलाकारों ने भी अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया. पारंपरिक नृत्य, लोकगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया. स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति ने दर्शकों में विशेष उत्साह भर दिया और तालियों की गड़गड़ाहट से आयोजन स्थल गूंजता रहा.
