अम्बिकापुर/अनिल उपाध्याय. छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के सीतापुर विकासखंड अंतर्गत संस्कृति इंग्लिश मीडियम स्कूल, पेटला में स्कूली बच्चों में शिक्षा के साथ संस्कार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से शिक्षक-अभिभावक सम्मेलन का आयोजन किया गया. स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर की गई. सम्मेलन में शिक्षा, समाज और अभिभावकीय दायित्व को लेकर वक्ताओं ने बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विस्तार से अपने विचार साझा किए.
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इस अवसर पर सम्मेलन में वक्ता के रूप में हायर सेकंडरी स्कूल की प्राचार्य मैरी मंजरी मिंज, प्राचार्य प्रभाकर उपाध्याय (साधुराम विद्यामंदिर सूरजपुर), वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश गुप्ता, डॉ. नीरज गुप्ता, शिक्षक मगलूब आलम एवं संदीप गुप्ता उपस्थित रहे. सम्मेलन को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश गुप्ता ने कहा कि बच्चों की प्रथम गुरु माँ होती है और विद्यालय जाने से पहले तक बच्चा अपने माता-पिता के सानिध्य में ही पहला ज्ञान प्राप्त करता है. इस दौरान अभिभावक बच्चे को जो भी सिखाते हैं, वह उसकी स्मृति में स्थायी रूप से अंकित हो जाता है. इसलिए शिक्षा के साथ-साथ माता-पिता द्वारा दिए गए संस्कार भी बच्चे के जीवन की दिशा तय करते हैं, जिससे उसका सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है.
प्राचार्य प्रभाकर उपाध्याय ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चा गीली मिट्टी के समान होता है, जिसे पहला आकार माता-पिता देते हैं और बाद में शिक्षक उसे संवारकर पूर्ण स्वरूप प्रदान करता है. उन्होंने कहा कि बच्चे का भविष्य केवल विद्यालय से नहीं बल्कि घर के वातावरण से भी बनता है, इसलिए अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की क्षमता को पहचानकर उन्हें सही मार्गदर्शन दें. उन्होंने यह भी चिंता जताई कि आज के समय में कई घरों में बच्चों को वह सकारात्मक माहौल नहीं मिल पा रहा है, जिसकी उन्हें आवश्यकता होती है.
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सम्मेलन में अन्य वक्ताओं ने भी बच्चों के प्रति अभिभावकों और शिक्षकों की जिम्मेदारी, नैतिक शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज के निर्माण में बच्चों की भूमिका को रेखांकित किया. कार्यक्रम के अंत में संस्था के चेयरमैन तिलक बेहरा ने सभी अतिथि वक्ताओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया. वहीं संस्था के डायरेक्टर पुरुषोत्तम बेहरा ने सम्मेलन में शामिल सभी अतिथियों एवं अभिभावकों का आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम में संस्था के प्राचार्य, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित रहे.
