– एम्बुलेंस रोकने का आरोप, पुलिस सख्त—बीजेपी का तंज: “कानून से ऊपर नहीं विधायक”
जांजगीर-चांपा । जिले में राजनीति उस वक्त गरमा गई जब जांजगीर चांपा विधानसभा के कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप, पार्षद अरमान खान,सरपंच,जिला पंचायत सहित 12 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामला खोखसा ओवर ब्रिज पर किए गए चक्का जाम से जुड़ा है, जो खोखसा से पीथमपुर सड़क निर्माण की मांग को लेकर किया गया था। चक्का जाम के दौरान एक एम्बुलेंस के फंसने की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया। इसे गंभीरता से लेते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय (भापुसे) ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
कानून का शिकंजा….
पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध
थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 604/2025
धारा 191(2), 126(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया।
हालांकि, मामला जमानती होने के कारण सभी आरोपियों को मुचलके पर रिहा कर दिया गया, लेकिन राजनीतिक संदेश साफ चला गया—सड़क पर राजनीति की कीमत चुकानी पड़ेगी।
बीजेपी का तीखा हमला….
गिरफ्तारी के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा—
“यह कांग्रेसियों की करनी का फल है। विधायक हो या आम आदमी, कानून से बड़ा कोई नहीं।”
बीजेपी ने सवाल उठाया कि क्या जनहित के नाम पर एम्बुलेंस रोकना जायज़ है? क्या विपक्ष में रहकर अराजकता फैलाना ही कांग्रेस की राजनीति बची है?
सियासत तेज…
एक ओर कांग्रेस इसे जनसमस्याओं की अनदेखी का परिणाम बता रही है, तो दूसरी ओर बीजेपी इसे कानून व्यवस्था का उल्लंघन बता रही है।
स्पष्ट है कि जांजगीर-चांपा की यह घटना आने वाले दिनों में राजनीतिक घमासान और तेज करेगी।
गिरफ्तारी के बाद जिले में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक चौक-चौराहों, चाय दुकानों और सार्वजनिक स्थलों पर इस कार्रवाई को लेकर खुली चर्चाएं हो रही हैं। आम लोगों के बीच यह मुद्दा अब केवल कानून कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक साख से जोड़कर देखा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू सहित जांजगीर-चांपा विधायक के प्रतिनिधियों की भी विभिन्न मामलों में गिरफ्तारी हो चुकी है। लगातार हो रही इन घटनाओं ने कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
चौक-चौराहों पर हो रही चर्चाओं में आम नागरिक खुलकर यह कहते नजर आ रहे हैं कि “विधायक हो या आम आदमी, कानून से बड़ा कोई नहीं होता।”
लोगों का मानना है कि बार-बार कानून के दायरे में आना जनप्रतिनिधियों की छवि को नुकसान पहुंचाता है। कई नागरिकों ने यह भी आशंका जताई कि आने वाले समय में जनता का भरोसा कांग्रेस विधायकों से कमजोर पड़ सकता है।
कांग्रेस को हो सकता है राजनीतिक नुकसान…
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, लगातार गिरफ्तारियों से कांग्रेसी विधायकों की साख गिरी है और इसका असर भविष्य की राजनीति पर पड़ सकता है।
