बीजापुर. छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिलती नजर आ रही है. बीजापुर जिले के घने जंगलों और बीहड़ इलाके में सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच जोरदार एनकाउंटर जारी है. मौके पर दोनों तरफ से लगातार फायरिंग हो रही है और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं.
जानकारी के मुताबिक, सुरक्षाबलों ने इलाके में व्यापक घेराबंदी करते हुए नक्सलियों को चारों ओर से दबोच लिया है. जंगलों में चल रही इस मुठभेड़ के दौरान बड़ी संख्या में जवान मोर्चा संभाले हुए हैं और ऑपरेशन को बेहद रणनीतिक तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है.
सूत्रों के अनुसार, इस मुठभेड़ में इलाके में लंबे समय से सक्रिय नक्सली कमांडर और शीर्ष नेता उधम सिंह के मारे जाने की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, फिलहाल इस संबंध में किसी भी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र में लगातार सर्चिंग कर रही हैं और ऑपरेशन को लेकर मुख्यालय स्तर से भी वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी बनी हुई है.
इधर बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान के तहत सुरक्षाबलों ने एक और बड़ी प्रतीकात्मक कार्रवाई करते हुए सुकमा जिले के गोगुंडा पहाड़ पर नक्सली कमांडर और सेंट्रल कमेटी (CC) सदस्य रमन्ना के 20 फीट ऊंचे स्मारक को ध्वस्त कर दिया है. इस कार्रवाई को नक्सल नेटवर्क के मनोबल पर सीधा प्रहार माना जा रहा है.
इस अभियान पर जानकारी देते हुए 4वीं बटालियन के सहायक कमांडेंट विदेखो किए ने बताया कि गोगुंडा क्षेत्र लंबे समय तक नक्सलियों का मजबूत गढ़ रहा है और यह इलाका सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना हुआ था. लेकिन अब 74वीं बटालियन ने 20 नवंबर 2025 को अग्रिम परिचालन बेस स्थापित कर क्षेत्र में पकड़ मजबूत कर ली है. उन्होंने बताया कि इलाके में बिजली-पानी की व्यवस्था को सुचारू करने के प्रयास जारी हैं, वहीं स्कूल भवन और हेलीपैड का निर्माण भी लगभग पूरा हो चुका है.
उन्होंने कहा कि रमन्ना के स्मारक को गिराने की यह कार्रवाई भविष्य में क्षेत्र को नक्सल प्रभाव से मुक्त करने की दिशा में एक अहम कदम है और इससे स्थानीय लोगों के लिए विकास और सुरक्षा का रास्ता और मजबूत होगा. फिलहाल बीजापुर में चल रही मुठभेड़ पर पूरे राज्य की नजर बनी हुई है और ऑपरेशन के समाप्त होने के बाद सुरक्षा बलों द्वारा स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है.
