बलरामपुर. धान खरीदी में टोकन कटने की परेशानी, मनरेगा से जुड़े बदलाव और पीडीएस चावल संकट को लेकर शुक्रवार को बलरामपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने महावीरगंज चौक पर जोरदार चक्का जाम कर राज्य व केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया. जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिहर यादव के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए, जहां सरकार की नीतियों को जनविरोधी बताते हुए तीखी नाराजगी जाहिर की गई.
प्रदर्शन के बाद कांग्रेस ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन रामानुजगंज तहसीलदार को सौंपा. ज्ञापन में किसानों, मजदूरों और आम उपभोक्ताओं से जुड़े मुद्दों पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा गया कि मौजूदा हालात ने ग्रामीण अंचलों में असंतोष की स्थिति पैदा कर दी है.
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी तय होने के बावजूद जिले के कई किसान अब तक टोकन कटने का इंतजार कर रहे हैं. टोकन नहीं मिलने से किसान न सिर्फ आर्थिक दबाव में हैं, बल्कि मानसिक तनाव भी झेल रहे हैं. पार्टी ने मांग की कि धान खरीदी की अवधि बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रह जाए.
मनरेगा को लेकर भी कांग्रेस ने केंद्र सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए. नेताओं ने कहा कि रोजगार गारंटी कानून के नाम और स्वरूप में किया गया बदलाव ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर सीधा प्रहार है. कांग्रेस ने कानून को पूर्ववत रखने और इसके मूल प्रावधानों से किसी तरह की छेड़छाड़ न करने की मांग की.
इसके साथ ही जनवरी माह में पीडीएस दुकानों में चावल नहीं मिलने का मुद्दा भी प्रदर्शन के केंद्र में रहा. कांग्रेस का आरोप है कि जिले के अधिकांश विकासखंडों में चावल की आपूर्ति ठप है और दुकानदार सिर्फ अंगूठा लगवाकर अगले महीने चावल देने की बात कह रहे हैं. इससे गरीब और जरूरतमंद परिवारों में असमंजस और चिंता बढ़ गई है.
कांग्रेस ने साफ चेतावनी दी कि यदि किसानों, मजदूरों और आम जनता की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा.
