रायपुर. दिल्ली में हुई कांग्रेस की अहम बैठक से लौटने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने संगठन को लेकर बड़ा और सख्त संदेश दिया है. रायपुर पहुंचते ही उन्होंने साफ कर दिया कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस की नई प्रदेश कार्यकारिणी का गठन 31 मार्च तक हर हाल में किया जाएगा और इसमें बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिलेंगे.
दीपक बैज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि नई कार्यकारिणी में लगभग 50 प्रतिशत नए चेहरे शामिल किए जाएंगे. उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि संगठन में अब वही नेता और पदाधिकारी रहेंगे जो ज़मीनी स्तर पर सक्रिय रहेंगे. जो काम नहीं करेगा, उसे संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा. इस बयान को छत्तीसगढ़ कांग्रेस में बड़े फेरबदल और पुराने चेहरों की छुट्टी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है.
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि दिल्ली में कांग्रेस संगठन महामंत्री केसी वेणुगोपाल ने 13 राज्यों के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्षों और प्रभारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक ली. बैठक में संगठन सृजन, नई नियुक्तियां, जिला कांग्रेस अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों और उनकी कार्यकारिणी के गठन को लेकर गहन चर्चा हुई. हाईकमान ने संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाने के लिए तय समय-सीमा में बदलाव लागू करने के सख्त निर्देश दिए हैं.बैठक में राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी मंथन हुआ. मनरेगा बचाओ संग्राम और एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर गंभीर चिंता जताई गई. दीपक बैज ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में एसआईआर के नाम पर 400 से 500 फॉर्म भाजपा नेताओं द्वारा जमा किए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान विशेष वर्ग के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है, जिसे लेकर बैठक में गंभीर चर्चा हुई.
बैठक में राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर भी मंथन हुआ. मनरेगा बचाओ संग्राम और एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर गंभीर चिंता जताई गई. दीपक बैज ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में एसआईआर के नाम पर 400 से 500 फॉर्म भाजपा नेताओं द्वारा जमा किए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रक्रिया के दौरान विशेष वर्ग के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है, जिसे लेकर बैठक में गंभीर चर्चा हुई.दीपक बैज ने बताया कि नई प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी के गठन के लिए हाईकमान ने स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है. 31 मार्च तक कार्यकारिणी का गठन अनिवार्य रूप से करना होगा और इसके बाद एक महीने के भीतर प्रगति रिपोर्ट भी दिल्ली भेजनी होगी. इन सख्त निर्देशों के बाद यह तय माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जल्द ही संगठनात्मक तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है.
दीपक बैज ने बताया कि नई प्रदेश कांग्रेस कार्यकारिणी के गठन के लिए हाईकमान ने स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है. 31 मार्च तक कार्यकारिणी का गठन अनिवार्य रूप से करना होगा और इसके बाद एक महीने के भीतर प्रगति रिपोर्ट भी दिल्ली भेजनी होगी. इन सख्त निर्देशों के बाद यह तय माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस में जल्द ही संगठनात्मक तस्वीर पूरी तरह बदलने वाली है.
