जांजगीर चांपा। रेलवे की बिजली का खुलेआम दुरुपयोग किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कन्हाईबंद स्थित एक कोल डिपो संचालक पर बिना किसी अनुमति के रेलवे साइडिंग के पास से अवैध बिजली कनेक्शन लेकर व्यावसायिक उपयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। हैरानी की बात यह है कि मामला सामने आने के बावजूद रेलवे प्रशासन अब तक “अनजान” बना हुआ है।
कोल डिपो संचालक पहले तो ग्राम पंचायत के प्रस्ताव बैगर काम शुरू कर दिया है। अब रेलवे के बिजली का उपयोग चोरी करके कर रहा है। कोल डिपो एरिया के पास हो रहे निर्माण कार्य के लिए अवैध रेलवे से बिजली कनेक्शन लिए है। लेकिन रेलवे ने इसका अनुमति अभी नहीं दिया। रेलवे की बिजली का इस्तेमाल भारी मशीनों और लोडेड उपकरणों के संचालन में किया जा रहा है, जिससे न सिर्फ रेलवे को आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि सुरक्षा मानकों की भी खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध कनेक्शन कोई नई बात नहीं है, लेकिन अब तक न तो रेलवे की ओर से कोई जांच हुई और न ही बिजली विभाग ने संज्ञान लिया। सवाल यह उठता है कि क्या यह लापरवाही है या मिलीभगत?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि आरोप सही पाए गए तो यह मामला रेलवे अधिनियम और विद्युत अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा, जिसमें भारी जुर्माना, बिजली कनेक्शन काटने और आपराधिक कार्रवाई तक का प्रावधान है।
इस मामले में नैला रेलवे के अधिकारी को जानकारी दी गई तो उनका कहना था कि बिना अनुमति कनेक्शन करने पर रेलवे कार्रवाई करेगी।
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि उच्च स्तर पर शिकायत पहुंचने के बाद बड़ी कार्रवाई की तैयारी हो सकती है। ऐसे में आने वाले दिनों में रेलवे और प्रशासन की भूमिका पर सबकी नजरें टिकी हैं।
