नई दिल्ली. अब तक देश की इनकम टैक्स व्यवस्था व्यक्ति को केंद्र में रखकर बनाई गई है, न कि परिवार को. शादी के बाद भी पति और पत्नी को अलग-अलग टैक्स रिटर्न दाखिल करना पड़ता है, जबकि खर्च, निवेश और भविष्य की आर्थिक योजनाएं अक्सर साझा होती हैं. इसी असमानता को खत्म करने के लिए बजट 2026 से पहले टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव की आहट सुनाई दे रही है. टैक्स एक्सपर्ट्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की शीर्ष संस्था ICAI ने सरकार के सामने ऐसा प्रस्ताव रखा है, जो मैरिड कपल्स के लिए टैक्स प्लानिंग की तस्वीर पूरी तरह बदल सकता है.
प्रस्ताव के मुताबिक, शादीशुदा जोड़ों को यह विकल्प मिल सकता है कि वे चाहें तो मौजूदा सिस्टम की तरह अलग-अलग टैक्स भरें या फिर जॉइंट टैक्स रिटर्न फाइल करें. इस नई व्यवस्था में पति और पत्नी दोनों के पास अलग-अलग पैन कार्ड रहेंगे, लेकिन उनकी कुल आय को जोड़कर टैक्स तय किया जाएगा. यानी टैक्स की गणना परिवार के स्तर पर होगी, न कि सिर्फ एक व्यक्ति के आधार पर.
अगर यह सिस्टम लागू होता है, तो टैक्स स्लैब भी नए सिरे से तय किए जा सकते हैं. अनुमान है कि जॉइंट टैक्सेशन में बेसिक एग्जेम्पशन लिमिट दोगुनी होकर करीब 8 लाख रुपये तक हो सकती है, यानी पति-पत्नी की संयुक्त आय अगर इस सीमा के भीतर रहती है तो कोई टैक्स नहीं देना होगा. वहीं, 30 फीसदी का सबसे ऊंचा टैक्स स्लैब 48 लाख रुपये से ज्यादा की संयुक्त आय पर लागू किया जा सकता है. इससे खास तौर पर उन परिवारों को राहत मिलेगी, जहां एक ही सदस्य कमाने वाला है या दूसरे साथी की आय बहुत कम है.
इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा फायदा सिंगल इनकम फैमिली, रिटायर्ड दंपतियों और उन घरों को मिल सकता है, जहां एक जीवनसाथी की टैक्स छूट अब तक पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाती. जॉइंट टैक्स सिस्टम के जरिए होम लोन, हेल्थ इंश्योरेंस और टैक्स सेविंग निवेशों पर मिलने वाले डिडक्शन का बेहतर लाभ उठाया जा सकेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे टैक्स प्लानिंग सरल होगी और इनकम स्प्लिटिंग जैसे जटिल तरीकों की जरूरत भी कम हो जाएगी.
हालांकि यह व्यवस्था हर कपल के लिए फायदेमंद हो, ऐसा जरूरी नहीं है. जिन दंपतियों की दोनों आय पहले से ही ज्यादा है, उनके लिए संयुक्त आय ऊंचे टैक्स स्लैब या सरचार्ज की सीमा में पहुंच सकती है, जिससे टैक्स का बोझ बढ़ने का जोखिम रहेगा. बावजूद इसके, अगर सरकार इस प्रस्ताव को बजट 2026 में हरी झंडी देती है, तो यह देश के टैक्स सिस्टम में एक ऐतिहासिक बदलाव माना जाएगा और शादीशुदा परिवारों को टैक्स में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगेगी.
इसे भी पढ़ें –
आज का राशिफल, 21 जनवरी 2026: धन लाभ से लेकर खुशखबरी तक, जानिए कैसा रहेगा आपका आज का दिन
होली-दिवाली पर रसोई को राहत, महिलाओं को फ्री गैस सिलेंडर का तोहफा; खाते में सीधे पहुंचेगी रकम
