जशपुर. गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस द्वारा चलाया जा रहा विशेष अभियान ऑपरेशन शंखनाद लगातार प्रभावी साबित हो रहा है. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पुलिस लगातार गौ तस्करों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है. इसी क्रम में थाना आस्ता क्षेत्रांतर्गत ग्राम खोंगा में ग्रामीणों के सहयोग से पुलिस ने 4 नग गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है.
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 18 जनवरी 2026 की रात्रि लगभग 8 बजे ग्राम खोंगा के ग्रामीणों ने थाना आस्ता पुलिस को सूचना दी कि दो संदिग्ध व्यक्ति गौवंशों को बेरहमी से मारते-पीटते हुए जंगल के रास्ते पैदल हांककर झारखंड राज्य की ओर ले जा रहे हैं. सूचना मिलते ही थाना आस्ता पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए तत्काल मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की. मौके पर ग्रामीणों ने एक संदिग्ध व्यक्ति को 4 नग गौवंशों के साथ पकड़कर रखा हुआ था.
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपी ने अपना नाम बनर्जी भगत उम्र 55 वर्ष, निवासी ग्राम डड़गांव, चौकी मनोरा, जिला जशपुर (छत्तीसगढ़) बताया. आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने एक साथी के साथ गौवंशों को झारखंड ले जा रहा था. पुलिस ने उसकी निशानदेही पर फरार साथी को भी चिन्हित कर लिया है, जिसकी तलाश जारी है और शीघ्र ही उसकी गिरफ्तारी की जाएगी.
पुलिस ने सभी 4 गौवंशों को सकुशल बरामद कर पशु चिकित्सक से उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया. आरोपी के खिलाफ थाना आस्ता में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है.
उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत अब तक जशपुर पुलिस 146 प्रकरणों में 1410 गौवंशों को मुक्त करा चुकी है, जबकि 243 गौ तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. इस कार्रवाई में थाना प्रभारी आस्ता उप निरीक्षक अर्जुन यादव, प्रधान आरक्षक कोसमोस बड़ा, आरक्षक अरुण तिग्गा, दीपक भगत, अनंत भगत एवं दिनेश भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि गौ तस्करी के विरुद्ध जशपुर पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी. ग्रामीणों के सहयोग से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे फरार आरोपी की तलाश की जा रही है. गौ तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और ऑपरेशन शंखनाद पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा.
